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अपने साथ 'एंजायटी बैग' लेकर घूम रही हैं जेन-जी लड़कियां, आया नया ट्रेंड

जेन-जी लोगों में एक नया ट्रेंड चल रहा है, जिसमें वो अपने साथ एक एंजायटी बैग रखते हैं. तो जानते हैं वो ऐसा क्यों करते हैं और उस बैग में ऐसा क्या होता है.

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जेन-जी महिलाएं अपने साथ खास बैग रख रही हैं. (Photo:  Pexels)
जेन-जी महिलाएं अपने साथ खास बैग रख रही हैं. (Photo: Pexels)

जेन जी अक्सर अपने बिहेवियर या फिर अलग-अलग ट्रेंड की वजह से चर्चा में रहते हैं. अब जेन-जी अपने एंजायटी बैग को लेकर खबर में हैं. दरअसल, जेन जी लड़कियां अपने साथ अब एक एंजायटी बैग लेकर चल रही हैं और इसका ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है. तो जानते हैं इस ट्रेंड में लड़कियां ऐसा क्यों कर रही है और इस बैग में ऐसा क्या होता है कि इसे एंजायटी बैग कहा जा रहा है. समझते है एंजायटी बैग का ट्रेंड...

क्या होता है एंजायटी बैग?

दरअसल, एक ऐसा बैग होता है, जिसमें एंजायटी अटैक आने पर उससे राहत पाने के कुछ सामान होते हैं. अब जेन जी युवा, खासकर महिलाएं अपने साथ अपने साथ ये बैग रख रही हैं. विदेश में ये चलन काफी तेजी से बढ़ रहा है. जब भी उन्हें काफी मुश्किल होती है तो वो इसमें रखे सामान का इस्तेमाल करती हैं और उन्हें इंस्टेंट आराम मिलता है. इसमें कुछ दवाइयां, सिकाई करने वाले पैड, पोर्टबल फैन, कुछ एंजायटी से जुड़े टूल्स रखे होते हैं. 

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, एक हन्ना फाउल्स नाम की महिला की कुछ दिन पहले एकदम से तबियत बिगड़ गई. इस दिन महिला के लिए वह एक बेहद थका देने वाला दिन था. उन्हें एकदम से सीने में घबराहट होने लगी और उनके दिमाग में अजीब-अजीब विचार आने लगे और उनके गाल लाल हो गए. उन्हें एकदम से तेज गर्मी लगने लगी.  उस वक्त उन्होंने एंजायटी बैग का सहारा  लिया, जो उन्होंने जेन-जी ट्रेंड को देखते हुए ही तैयार किया था. 

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इसके बाद उन्होंने अपनी स्ट्रेस बस्टर मेडिसिन ली और गर्दन के पीछे सिकाई की.  इसके बाद अपना पोर्टेबल पंखा ऑन किया और ठंडी हवा ली, जिससे उन्हें आराम मिला. साथ ही कुछ स्ट्रेस दूर करने में सहायक खिलौनों का इस्तेमाल किया और उन्हें काफी आराम मिला. कुछ ही देर में उन्हें नींद आ गई. उनका कहना था, 'जब तक मैंने यह बैग नहीं बनाया था, तब तक मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे इन चीजों की ज़रूरत पड़ेगी. इसने मेरी जिंदगी बदल दी है, मैं इसे हर समय इस्तेमाल करता हूं.'

एक रिसर्च भी बताती है कि 18 से 26 साल तक की उम्र वाले करीब 1,000 अमेरिकियों के एक सर्वे में 61 फीसदी लोगों ने स्ट्रेस होने की बात कही थी और 43 फीसदी ने कहा कि उन्हें महीने में कम से कम एक बार पैनिक अटैक आता है.  जबकि कई लोग तनाव से निपटने के लिए टॉक थेरेपी और दवाओं का सहारा लेते हैं , लेकिन ये तरीके हमेशा तात्कालिक समस्याओं में कारगर साबित नहीं होते. 
 

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