scorecardresearch
 

₹1 में एक किलो आलू, ₹46 में 2 किलो घी... 1989 के दाम सुनकर रह जाएंगे हैरान

एक शख्स ने अपने दादाजी की 1989 की पुरानी डायरी शेयर की, जिसमें उस समय के घरेलू सामानों के दाम दर्ज थे. उस दौर में 1 किलो आलू सिर्फ 1 रुपये, 2 किलो घी 46 रुपये और 60 किलो चीनी 420 रुपये में मिल जाती थी. आज के समय में इन चीजों की कीमत कई गुना बढ़ चुकी है.

Advertisement
X
रिंकू और पिंकू के पहले जन्मदिन की यह छोटी सी कहानी अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है. ( Photo: Insta/ @brothers.on.road)
रिंकू और पिंकू के पहले जन्मदिन की यह छोटी सी कहानी अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है. ( Photo: Insta/ @brothers.on.road)

एक शख्स ने हाल ही में अपने दादाजी की पुरानी डायरी से जुड़ी एक दिलचस्प याद सोशल मीडिया पर शेयर की है, जिसने लोगों को 1989 के समय में वापस ले जाने का काम किया.इस डायरी में उस समय के घरेलू सामानों के दाम लिखे हुए थे, जिन्हें देखकर आज के महंगाई भरे दौर में हर कोई हैरान रह गया. शख्स ने बताया कि उसका एक जुड़वा भाई है और उनका जन्मदिन 4 फरवरी 1989 को मनाया गया था. उस खास मौके पर उनके दादाजी ने घर में जश्न के लिए जो सामान मंगवाया था, उसकी पूरी लिस्ट डायरी में दर्ज थी. दोनों जुड़वा भाइयों का नाम रिंकू और पिंकू है, और दादाजी ने उनके पहले जन्मदिन को खास बनाने के लिए हर छोटी-बड़ी चीज का हिसाब लिखा था.

घी, मसाले और जरूरी चीजें भी थीं सस्ती
डायरी के मुताबिक, उस समय 60 किलो चीनी सिर्फ 420 रुपये में आ गई थी. 1 किलो आलू की कीमत मात्र 1 रुपये थी, जो आज के मुकाबले बेहद कम है. आधा किलो हल्दी 9 रुपये में खरीदी गई थी, वहीं 250 ग्राम जीरा 12 रुपये का था. नमक 2 किलो सिर्फ 4 रुपये में मिल गया था और 100 ग्राम हींग की कीमत 5 रुपये थी. इसके अलावा 2 किलो घी 46 रुपये में आया था और आधा किलो धनिया 9.50 रुपये में खरीदा गया था. यह लिस्ट न सिर्फ उस दौर की कीमतों को दिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि उस समय कम पैसों में घर का बड़ा आयोजन भी आसानी से हो जाता था. 

आज के समय में जहां रोजमर्रा की चीजें काफी महंगी हो चुकी हैं, वहीं यह पुरानी डायरी लोगों को पुराने दिनों की सादगी और कम खर्च वाले समय की याद दिला रही है. रिंकू और पिंकू के पहले जन्मदिन की यह छोटी सी कहानी अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है. यह सिर्फ एक परिवार की याद नहीं, बल्कि उस दौर की झलक है जब चीजें सस्ती थीं और खुशियां छोटी-छोटी बातों में मिल जाती थीं.

Advertisement

कम पैसों में हो जाता था बड़ा आयोजन
रिंकू और पिंकू के पहले जन्मदिन की यह छोटी सी कहानी अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है. यह सिर्फ एक परिवार की याद नहीं, बल्कि उस दौर की झलक है जब चीजें सस्ती थीं और खुशियां छोटी-छोटी बातों में मिल जाती थीं. अगर आज के समय से तुलना करें तो फर्क और भी चौंकाने वाला नजर आता है. जिस चीनी के 60 किलो के लिए उस समय सिर्फ 420 रुपये खर्च हुए थे, आज उसी मात्रा के लिए कई हजार रुपये देने पड़ते हैं. आलू, जो 1 रुपये किलो मिलता था, आज आमतौर पर 20 से 30 रुपये किलो तक पहुंच चुका है और कई बार इससे भी ज्यादा हो जाता है. 

आज के दाम सुनकर उड़ जाएंगे होश
हल्दी, जीरा और धनिया जैसे मसाले, जो उस समय 9 या 12 रुपये में मिल जाते थे, आज उनकी कीमतें 100 रुपये से ऊपर पहुंच चुकी हैं. नमक, जो 2 किलो सिर्फ 4 रुपये में मिल जाता था, आज पैक्ड नमक 20 से 30 रुपये किलो तक बिकता है. वहीं घी, जो 2 किलो सिर्फ 46 रुपये में आया था, आज 1 किलो घी ही 500 से 700 रुपये या उससे भी ज्यादा में मिलता है. हींग जैसी चीज, जो पहले 5 रुपये में मिलती थी, अब छोटी सी मात्रा के लिए भी कई गुना ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं.

Advertisement

इस तुलना से साफ समझ आता है कि पिछले 30-35 सालों में महंगाई कितनी तेजी से बढ़ी है. जहां पहले कम पैसों में बड़ा आयोजन हो जाता था, वहीं आज छोटी-सी खरीदारी भी जेब पर भारी पड़ती है. यही वजह है कि दादाजी की यह डायरी सिर्फ एक याद नहीं, बल्कि बदलते समय और बढ़ती महंगाई का एक सच्चा आईना बन गई है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement