हमने अक्सर फिल्मों और कहानियों में देखा है कि अगर कोई सांप को मार देता है, तो उसकी नागिन उसके दुश्मन की तस्वीर आंखों में देखकर बदला लेती है. ऐसी कहानियां लोगों के बीच काफी समय से चलती आ रही हैं. कई बार असल जिंदगी में भी ऐसी घटनाएं सुनने को मिलती हैं, जहां किसी एक व्यक्ति को बार-बार सांप काट लेता है. कुछ साल पहले उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक व्यक्ति को एक सांप ने कई बार काट लिया. यहां तक कि वह डरकर दूसरी जगह रहने लगा, फिर भी उसे सांप ने काट लिया.
ऐसे मामलों को देखकर लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या सच में सांप किसी इंसान से दुश्मनी रख सकता है और बदला ले सकता है? लेकिन विज्ञान इस बात को पूरी तरह गलत मानता है.
वैज्ञानिकों के अनुसार, सांप का दिमाग इतना विकसित नहीं होता कि वह किसी इंसान को पहचान कर उसे याद रख सके. यानी सांप के पास इतनी याददाश्त नहीं होती कि वह किसी से बदला लेने की योजना बना सके. जो लोग सांपों की स्टडी (हर्पेटोलॉजिस्ट) करते हैं, उनका भी यही कहना है कि सांप बदला लेते हैं यह सिर्फ एक मिथक है.
एक और आम धारणा यह है कि अगर कोई सांप मर जाता है, तो उसकी नागिन उसे ढूंढते हुए वहां पहुंच जाती है. लोग इसे बदले से जोड़कर देखते हैं. लेकिन इसके पीछे भी एक वैज्ञानिक कारण है.
जब कोई सांप मरता है, तो उसके शरीर से कुछ खास तरह के केमिकल (फेरोमोन) निकलते हैं. ये रसायन हवा और जमीन में फैल जाते हैं. अगर कोई दूसरा सांप उस जगह से गुजरता है, तो वह इन रसायनों की वजह से वहां आ सकता है. लोगों को लगता है कि नागिन बदला लेने आई है, जबकि असल में ऐसा नहीं होता.
अब सवाल आता है कि एक ही व्यक्ति को बार-बार सांप क्यों काट लेता है? इसका जवाब भी विज्ञान में ही छिपा है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह सिर्फ एक संयोग हो सकता है.
हो सकता है कि उस व्यक्ति के घर या आसपास सांप रहते हो और बार-बार सामना होने पर वह काट लेता हो. कई बार अलग-अलग सांप भी एक ही व्यक्ति को काट सकते हैं, लेकिन लोगों को लगता है कि वही एक सांप बार-बार काट रहा है.
सांप आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते, बल्कि वे सिर्फ अपनी सुरक्षा के लिए काटते हैं. जब उन्हें खतरा महसूस होता है या कोई उन्हें छेड़ता है, तभी वे हमला करते हैं.
कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि सांप बदला लेते हैं जैसी कहानियां पहले के समय में लोगों को डराने के लिए बनाई गई थीं, ताकि वे बिना वजह सांपों को न मारें. इन कहानियों का मकसद था कि लोग सांपों से दूर रहें और उन्हें नुकसान न पहुंचाएं.
दरअसल, असल जिंदगी में सांप किसी से बदला नहीं लेते. यह सिर्फ फिल्मों और कहानियों में दिखाया जाता है.