अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर जारी राजनीतिक बहस के बीच देश की शीर्ष अदालत में मामला पहुंच गया है. हालांकि इस मामले को लेकर अयोध्या नगरी में सरगर्मी बढ़ गई है. इससे पहले शीर्ष अदालत ने 27 सितंबर को 1994 के अपने उस फैसले पर पुनर्विचार के मुद्दे को पांच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ को सौंपने से इंकार कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि 'मस्जिद इस्लाम का अनिवार्य अंग नहीं है. यह मुद्दा अयोध्या भूमि विवाद की सुनवाई के दौरान उठा था.
In 2010, the Allahabad High Court had divided the disputed land on the Ram Janmabhoomi-Babri Masjid area into three parts. In a majority ruling, the court ordered that the 2.77 acres of land be partitioned equally among three parties - the Sunni Waqf Board, the Nirmohi Akhara and Ram Lalla.