आजादी के 70 साल का उत्सव मनाने के लिए 'आज तक' ने लालकिले पर कवियों के महासम्मेलन का आयोजन किया. जिसमें कई मशहूर कवियों का जमावड़ा लगा. इस मौके पर कवि हरिओम पंवार ने संविधान पर जो कविता सुनाई वो काफी दिलचस्प है. मैं भारत का संविधान हूं, लाल किले से बोल रहा हूं.....