आध्यात्मिक गुरु आसाराम को आखिरकार नाबालिग लड़की से रेप केस में कोर्ट ने दोषी करार दिया है. साठ के दशक में आसाराम ने लीलाशाह से आध्यात्मिक दीक्षा लेने के बाद 1972 में अहमदाबाद से लगभग 10 किलोमीटर दूर मुटेरा कस्बे में अपनी पहली कुटिया बनाई. यहीं से उसके साम्राज्य खड़े करने की कहानी शुरु हुई. इसका आध्यात्मिक काम धीरे- धीरे गुजरात के शहरों से होता हुआ देशभर के राज्यों में फ़ैल गया. फिर विदेश में भी उसने अपने पैर पसारे.