उत्तराखंड के देहरादून में 12 नवंबर को हुई भयावह कार दुर्घटना में छह छात्रों की जान चली गई थी. जिनमें से सभी की उम्र 25 साल से कम थी. अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड की राजधानी के ओएनजीसी चौक पर हुई यह दुर्घटना लापरवाही से गाड़ी चलाने का नतीजा थी. इस घटना ने युवाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है. साथ ही सवाल यह भी उठ रहा है किया इस हादसे से क्या युवा सबक लेंगे?
दुर्घटना के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि इनोवा एक BMW कार के साथ तेज़ रफ़्तार की रेस में लगी हुई थी. इनोवा 120 किलोमीटर प्रति घंटे से ज़्यादा की चौंकाने वाली रफ़्तार से चल रही थी. जिससे SUV और खड़े ट्रक के बीच टक्कर इतनी भयानक हुई कि गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि पीड़ितों के सिर धड़ से अलग हो गए थे.
हालांकि, पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान पता चला कि इनोवा के आगे सड़क पर कोई BMW नहीं बल्कि लाल रंग की स्कोडा कार चल रही थी. जांच में यह भी पता चला कि स्कोडा और इनोवा के बीच कोई रेसिंग नहीं हुई थी.
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हादसे में एकमात्र जीवित व्यक्ति फिलहाल आईसीयू में गंभीर हालत में है. इस हादसे को लेकर इंडिया टुडे टीवी की टीम ने देहरादून के कुछ प्रमुख यातायात प्वाइंट पर स्थिति का आकलन करने के लिए जमीनी स्तर पर जांच की. जिसके बाद उत्तराखंड पुलिस के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अभिनव कुमार ने शहर के सभी महत्वपूर्ण चौकियों पर वाहनों की कड़ी जांच के आदेश दिए हैं.
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने यह भी कहा कि पूरे देहरादून में सख्त जांच अभियान चलाया जाएगा. हालांकि, इंडिया टुडे की जांच से पता चला है कि कुठाल गेट पर - मसूरी से आने वाले वाहनों के लिए मुख्य प्रवेश प्वाइंट पर पुलिस की मौजूदगी बिल्कुल नहीं थी और कोई वाहन जांच नहीं हो रही थी. बैरिकेड्स लगाए गए हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल प्लेटफॉर्म डिवाइडर के तौर पर किया जा रहा है.
वहीं, स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ था. इससे कई वाहन चेकिंग के डर के बिना तेज गति से चल रहे थे, जिससे लोगों की सुरक्षा को काफी खतरा था. इस बीच, जांच टीम को कुठाल गेट से 3.5 किलोमीटर दूर पुराने राजपुर चौक पर एक शराब की दुकान मिली. दुकान खुली थी, कोई ग्राहक नहीं था, सड़क सुनसान थी और कई वाहन सुनसान इलाकों में खड़े थे.
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चेकिंग का अहम प्वाइंट होने के बावजूद पुराने राजपुर चौक पर भी पुलिस की मौजूदगी नहीं थी. इंडिया टुडे की जांच टीम को आखिरकार देहरादून के एक प्रमुख चौराहे डायवर्सन चौक पर कुछ पुलिसकर्मी मिले. यह इलाका कई पब, लाउंज और रेस्तरां की मौजूदगी के कारण अपनी नाइटलाइफ़ के लिए मशहूर है. यहां बॉडी कैमरों से लैस पुलिस के जवान सक्रिय रूप से वाहनों की जांच करते हैं और ड्राइवरों में शराब के स्तर की भी जांच करते हैं.
दिलाराम चौक पर, जिसे अक्सर अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण देहरादून का चिकन नेक कहा जाता है. यहां पुलिस को ब्रीथलाइज़र टेस्ट करते देखा गया. यह सड़क राजपुर रोड, घंटाघर और मुख्यमंत्री आवास को जोड़ती है.