उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले धामी सरकार ने कैबिनेट का विस्तार किया. लोकभवन में आयोजित समारोह में खजान दास, भरत चौधरी, राम सिंह कैड़ा, मदन कौशिक और प्रदीप बत्रा ने मंत्री पद की शपथ ली. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता खजान दास पहले भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं.
खजान दास ने 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में राजपुर रोड सीट से जीत दर्ज करते हुए अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की. उन्होंने कुल 37,027 वोट हासिल किए. खजान दास ने कांग्रेस के उम्मीदवार राजकुमार को 11,163 मतों के अंतर से हराया. खजान दास दलित समाज से आते हैं. इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में भी खजान दास ने कांग्रेस के राजकुमार को 8,632 वोटों से पराजित किया था.
रुद्रप्रयाग से विधायक भरत सिंह चौधरी ने भी मंत्री पद की शपथ ली. भरत सिंह चौधरी की हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत भाषा पर गहरी पकड़ मानी जाती है. मूल रूप से रुद्रप्रयाग के रहने वाले भरत चौधरी ठाकुर समाज से आते हैं और 2017 से लगातार रुद्रप्रयाग के विधायक हैं.
मदन कौशिक
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मदन कौशिक उत्तराखंड की राजनीति में एक प्रमुख और अनुभवी चेहरा माने जाते हैं. वह ब्राह्मण समाज से आते हैं और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
हरिद्वार विधानसभा सीट से लगातार 5 बार विधायक चुने गए कौशिक ने राज्य सरकार में लंबे समय तक अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं.
राम सिंह कैड़ा
राम सिंह कैड़ा ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत छात्र राजनीति से की और बाद में कांग्रेस से जुड़े, जहां उन्होंने कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई.
2017 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर उन्होंने बगावत कर भीमताल सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की. विधायक बनने के बाद उन्होंने भाजपा सरकार के साथ तालमेल बनाकर काम किया और लगातार पार्टी के करीब दिखाई दिए.
2022 चुनाव से पहले उनकी भाजपा में जाने की चर्चाएं तेज हुईं और आखिरकार अक्टूबर 2021 में उन्होंने आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया.
प्रदीप बत्रा
प्रदीप बत्रा व्यवसायी पृष्ठभूमि से आते हैं. उत्तराखंड में जन्मे बत्रा के पिता का नाम राम प्रकाश है. वह हरिद्वार जिले की रुड़की विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक हैं. इससे पहले 2012 और 2017 में भी इसी सीट से विधायक चुने जा चुके हैं.
साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा और जीत दर्ज कर लगातार तीसरी बार विधायक बने.
माना जा रहा है कि लगातार जीत और क्षेत्र में मजबूत पकड़ के चलते अब उन्हें धामी सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है.