विकासनगर में सेलाकुई के औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री मजदूरों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. वेतन बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अचानक बेकाबू हो गया और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस व फैक्ट्री परिसर पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि फैक्ट्री परिसर और आसपास खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है. हालात को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
यह मामला देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में स्थित सेलाकुई इंडस्ट्रियल एरिया का है. यहां पिछले कुछ दिनों से मजदूर वेतन वृद्धि समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रशासन के अनुसार, एक दिन पहले श्रमिकों की मांगों पर लेबर कमिश्नर और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच सहमति बन गई थी, लेकिन इसके बावजूद शुक्रवार को बड़ी संख्या में मजदूर फिर कंपनी के बाहर जमा हो गए.

सुबह होते ही फैक्ट्री एरिया में श्रमिकों ने हंगामा शुरू कर दिया. देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और कुछ प्रदर्शनकारियों ने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी. सड़क पर अफरा-तफरी मच गई. पत्थरों की चपेट में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया. हालांकि प्रशासन ने अभी घायलों की सटीक संख्या नहीं बताई है.
पत्थरबाजी के दौरान फैक्ट्री परिसर में भी नुकसान हुआ. मौके पर खड़े कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और तोड़फोड़ के दृश्य सामने आए. इलाके में भगदड़ जैसे हालात बन गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे और माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया.
घटना के बाद प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया. चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि दोबारा भीड़ इकट्ठा न हो सके. स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है. औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने वालों की भी निगरानी की जा रही है.

एसपी देहात पंकज गैरोला ने बताया कि एक दिन पहले प्रदर्शनकारी मजदूरों की मांगों को लेबर कमिश्नर और फैक्ट्री प्रबंधन ने मान लिया था. इसके बावजूद शुक्रवार को प्रदर्शनकारी फिर फैक्ट्री पहुंचे और अनावश्यक रूप से हड़ताल कर पत्थरबाजी शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और फिलहाल प्रदर्शनकारियों को मौके से हटा दिया गया है.
हड़ताल पर तीन कंपनियों के वर्कर
पुलिस के मुताबिक फिलहाल तीन कंपनियों के श्रमिक हड़ताल पर हैं. प्रशासन को आशंका है कि अन्य कंपनियों के मजदूर भी आंदोलन में शामिल हो सकते हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है. इसी वजह से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त की जा रही है.

स्थानीय लोगों में भी इस घटना के बाद दहशत का माहौल है. सड़क पर बिखरे पत्थर, क्षतिग्रस्त वाहन और पुलिस की भागदौड़ ने पूरे इलाके को तनावग्रस्त बना दिया है. कई लोग घरों और दुकानों के अंदर ही रहे, जबकि फैक्ट्री क्षेत्र में आवाजाही सीमित कर दी गई. फिलहाल प्रशासन प्रदर्शनकारियों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच बातचीत के जरिए स्थिति सामान्य करने की कोशिश कर रहा है. हालांकि इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है.