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उत्तराखंड में बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट, चारधाम यात्रा पर भी होगा मौसम का असर! IMD की चेतावनी

Uttarakhand Weather: चारधाम यात्रा के दौरान मौसम विभाग ने 12 और 13 मई को उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. देहरादून सहित कई जिलों में येलो अलर्ट भी जारी है. प्रशासन ने यात्रियों को मौसम अपडेट चेक करने और सावधानी बरतने की सलाह दी है.

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चार धाम यात्री मौसम विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें (फाइल फोटो-PTI)
चार धाम यात्री मौसम विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें (फाइल फोटो-PTI)

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के बीच मौसम विभाग ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देहरादून केंद्र ने अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान जारी करते हुए 12 और 13 मई को पर्वतीय जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इन दो दिनों में तेज बारिश, गरज-चमक, ओलावृष्टि और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है.

IMD के अनुसार, 11 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलेंगी. 12 और 13 मई को मौसम सबसे अधिक एक्टिव रहने वाला है, जबकि 14 मई को भी राज्य के अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट जारी रहेगा.

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में 12-13 मई को भारी बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं (40-50 kmph) की चेतावनी है. चारधाम यात्रा मार्गों (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) पर मौसम का सीधा असर पड़ने की संभावना है.

इन इलाकों में येलो अलर्ट 
देहरादून, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर सहित मैदानी व अर्ध-पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम पर लेटेस्ट अपडेट लेकर ही यात्रा पर निकलें. पांडे ने कहा, तीर्थयात्रियों को चाहिए कि वे मौसम अपडेट चेक करें और पूरी सावधानी के साथ अपनी यात्रा की योजना बनाएं. मौसम सामान्य होने के बाद यात्रा करना अधिक सुविधाजनक होगा.

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प्रशासन की सलाह और सावधानियां

  • भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और पहाड़ी मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतें.
  • आकाशीय बिजली और तेज हवाओं से बचाव के लिए खुले में न रहें.
  • यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें.

बता दें कि हाल के दिनों में पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है, जो मौसम की अस्थिरता को बढ़ा रहा है. चारधाम यात्रा अप्रैल में शुरू हुई थी और लाखों श्रद्धालु इस पावन यात्रा में शामिल हो रहे हैं. यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सभी एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. 

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