
उत्तराखंड के हल्द्वानी में इन दिनों एक नई ऊर्जा क्रांति ने जन्म ले लिया है. फर्क बस इतना है कि यह क्रांति किसी पेट्रोल पंप से नहीं, बल्कि एसएसपी आवास से शुरू हुई और ठीक 200 मीटर बाद SSP ऑफिस पहुंचकर समाप्त भी हो गई.
दरअसल, नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने ईंधन बचाने का संदेश देने के लिए अपनी सरकारी गाड़ी छोड़ दी और मोटरसाइकिल से ऑफिस पहुंच गए. खबर आई तो लोगों ने पहले इसे पर्यावरण संरक्षण की बड़ी पहल समझा, लेकिन जैसे ही पता चला कि घर और ऑफिस के बीच की दूरी महज 200 मीटर है, शहर में चर्चा का ट्रैफिक जाम लग गया.
बताया जा रहा है कि एसएसपी साहब गनर को पीछे बैठाकर पूरी गंभीरता और राष्ट्रहित की भावना के साथ मोटरसाइकिल पर निकले. उधर, हल्द्वानी की जनता अब इस ऐतिहासिक यात्रा का माइलेज निकालने में जुट गई है.
कुछ स्थानीय बुद्धिजीवियों ने कैलकुलेटर निकालकर हिसाब लगाना शुरू कर दिया है कि आखिर 200 मीटर में सरकारी गाड़ी कितना तेल पी जाती और मोटरसाइकिल ने कितना राष्ट्र बचा लिया.

एक बुजुर्ग चायवाले ने दुकान पर चर्चा के दौरान कहा, ''अगर ऐसे ही रोज 200-200 मीटर तेल बचाया गया तो अगले साल तक शायद पूरा उत्तराखंड आत्मनिर्भर हो जाए!''
वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि हल्द्वानी में यह पहला मौका नहीं है. पहले के कई एसएसपी भी घर से ऑफिस पैदल ही जाते थे, क्योंकि हल्द्वानी में एसएसपी आवास और ऑफिस एक ही परिसर में है. एसएसपी आवास से एसएसपी ऑफिस हल्द्वानी की दूरी इतनी कम है कि अगर कोई छींक दे तो आवाज सीधे ऑफिस तक पहुंच जाए.

अब सोशल मीडिया पर लोग मजे लेते हुए लिख रहे हैं, ''देश को नहीं पता था कि पेट्रोल संकट का समाधान हल्द्वानी की इस 200 मीटर यात्रा में छिपा है.''
एक युवक ने तो यहां तक कह दिया, ''अगर सरकार चाहे तो इस मॉडल को पूरे देश में लागू कर सकती है. जिनका ऑफिस घर के पास हो, वे गाड़ी स्टार्ट करने से पहले दो मिनट राष्ट्रहित में सोचें.'' हालांकि, एसएसपी साहब का संदेश बिल्कुल सकारात्मक था, कम वाहन इस्तेमाल कर ईंधन बचाने की अपील. लेकिन हल्द्वानी की जनता भी कम नहीं. यहां लोग संदेश से ज्यादा उस संदेश की दूरी नापने में लगे हुए हैं.
बीते दिन एसएसपी साहब पैदल ऑफिस गए थे. आज मोटर साइकिल से और अब शहर में लोग इंतजार कर रहे हैं कि अगली बार एसएसपी साहब साइकिल से जाएंगे या फिर ईंधन बचाने के लिए ऑफिस में ही रहने लगेंगे.