उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में अपना नाम उछाले जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP), पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर की पत्नी उर्मिला सनावर और अन्य के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है. अपनी याचिका में गौतम ने 2 करोड़ रुपये हर्जाने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ डाले गए कथित मानहानिकारक सामग्री को हटाने की मांग की है. उनकी इस याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट बुधवार को सुनवाई कर सकता है.
याचिका में दुष्यंत गौतम ने कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जानबूझकर उनके खिलाफ झूठे और भ्रामक आरोप लगाए गए, जिनसे उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा है. दुष्यंत कुमार गौतम का आरोप है कि राजनीतिक दुर्भावना के तहत उनका नाम एक जघन्य आपराधिक मामले से जोड़ा गया, जबकि इस केस.से उनका कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है. बता दें कि सितंबर 2022 में उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी.
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रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य (बीजेपी के पूर्व नेता विनोद आर्य के बेटे) और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता को निचली अदालत ने इस हत्याकांड का दोषी माना था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी. पुलिस की जांच में सामने आया था कि रिजॉर्ट में आए किसी 'वीआईपी' गेस्ट को सेक्सुअल फेवर देने से इनकार करने पर पुलकित आर्य ने अंकिता भंडारी की हत्या कर दी थी और अपने दो कर्मियों सौरभ और अंकित के साथ मिलकर लाश को ठिकाने लगा दिया था. दिसंबर 2025 में उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कथित ऑडियो जारी कर दुष्यंत गौतम को इस मामले का 'वीआईपी' बताया था.
यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और कांग्रेस व आम आदमी पार्टी सहित विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बनाया. दुष्यंत गौतम ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा और साजिश करार दिया है. उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि 24 दिसंबर 2025 से वायरल हुए वीडियो व पोस्ट सुनियोजित तरीके से गढ़े और फैलाए गए हैं, ताकि एक झूठी कहानी तैयार की जा सके और उन्हें एक ऐसे आपराधिक मामले से जोड़ा जाए, जिसमें न तो वह आरोपी हैं और न ही किसी जांच एजेंसी ने उन्हें दोषी ठहराया है. गौतम ने कहा है कि SIT जांच, चार्जशीट और कोर्ट के किसी दस्तावेज में उनका नाम नहीं है. दुष्यंत गौतम ने अपनी लोकेशन के सबूत भी कोर्ट में पेश किए हैं, जो घटना के समय उन्हें कहीं और दिखाते हैं.