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यूपीः योगी सरकार ने पहले डिटेंशन सेंटर को दी मंजूरी, गाजियाबाद में रखे जाएंगे विदेशी

यूपी के प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी के मुताबिक केंद्र के आदेश के बाद इस सेंटर को मंजूरी दी गई है. ऐसे लोग जो कि विदेशी हैं और जेलों में सजा काट चुके हैं और जिन्हें अपने देश भेजने में वक्त लग रहा है उनके लिए यह डिटेंशन सेंटर होगा.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गाजियाबाद में होगा पहला डिटेंशन सेंटर
  • योगी सरकार ने पहले सेंटर को दी मंजूरी
  • डिटेंशन में रखें जाएंगे गलत तरीके भारत आए विदेशी

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में पहले डिटेंशन सेंटर को मंजूरी दी है. यह डिटेंशन सेंटर गाजियाबाद में बनेगा. योगी सरकार ने जिस पहले डिटेंशन सेंटर को मंजूरी दी है उसे गाजियाबाद में समाज कल्याण विभाग बनाएगा.  

यूपी के प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी के मुताबिक केंद्र के आदेश के बाद इस सेंटर को मंजूरी दी गई है. ऐसे लोग जो कि विदेशी हैं और जेलों में सजा काट चुके हैं और जिन्हें अपने देश भेजने में वक्त लग रहा है उनके लिए यह डिटेंशन सेंटर होगा. प्रमुख सचिव ने बताया कि जब तक विदेशी लोग अपने देश भेजे नहीं जाते तब तक समाज कल्याण विभाग के तहत इस सेंटर में रखे जाएंगे. 

केंद्र के पास जानकारी नहीं

बता दें कि लोकसभा में मंगलवार को गृह मंत्रालय ने बताया था कि अवैध रूप से आए अप्रवासियों की गतिविधि को रोकने के लिए राज्य सरकारों की ओर से डिटेंशन सेंटर या कैंप बनाए जाते हैं. इस संबंध में लोगों की जानकारी केंद्र के पास नहीं होती है. एक सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने लोकसभा में कहा कि अवैध रूप से आए ऐसे अप्रवासी लोग जिनकी नागरिकता की पुष्टि की जानी है, उनके मूवमेंट को रोकने के लिए राज्य सरकारों की ओर से स्थानीय जरूरतों के मुताबिक डिटेंशन सेंटर बनाए जाते हैं.

बता दें कि अवैध अप्रवासियों यानी बाहरी देश से आए नागरिक को रखने के लिए एक तरह की जेल बनाई जाती है, उसे ही डिटेंशन सेंटर कहते हैं. विदेशी अनिधिनियम, पासपोर्ट एक्ट का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों को तब तक डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है, जब तक कि उनका प्रत्यर्पण न हो जाए.

 

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