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BHU- कोविड अस्पताल में सीवर के पास मिला लापता मरीज का शव, परिजनों ने लगाया किडनी निकालने का आरोप

मरीज का शव सीवर के पास मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों ने जमकर बवाल काटा. परिजनों ने बीएचयू के अस्पताल पर किडनी निकालने और उसकी जान लेने का आरोप लगाया.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • परिजनों ने लगाया मार डालने का आरोप
  • उपचार के दौरान मरीज का कोरोना टेस्ट कराया गया था

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के कोविड अस्पताल से लापता कोरोना से संक्रमित एक मरीज का शव अस्पताल परिसर के नाले से बरामद किया गया है. यह मरीज एक दिन पहले ही कोविड अस्पताल से लापता हो गया था. मरीज का शव सीवर से मिलने के बाद आक्रोशित परिजनों ने जमकर बवाल काटा. परिजनों ने बीएचयू के अस्पताल पर किडनी निकालने और उसकी जान लेने का आरोप लगाया.

बीएचयू में हंगामे की सूचना पाकर लंका थाने के साथ ही कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को किसी तरह से समझा-बुझाकर शांत कराया. बाद में बीएचयू की ओर से भी सफाई दी गई है. बताया जाता है कि वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के डाफी इलाके का निवासी युवक अजय कुमार का कोविड अस्पताल में कोरोना से संक्रमण का उपचार चल रहा था.

एक दिन पहले ही वह कोविड अस्पताल से लापता हो गया था. उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने लंका थाने में दर्ज कराई थी. इस संबंध में बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के अधीक्षक प्रोफेसर एसके माथुर ने वीडियो बयान जारी कर सफाई दी है. प्रोफेसर माथुर ने कहा है कि कुछ दिन पहले उसे सिर में चोट आने पर उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था.

प्रोफेसर माथुर ने कहा कि उपचार के दौरान उसका कोरोना टेस्ट कराया गया था. रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे कोविड हॉस्पिटल में ट्रांसफर कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि उसकी तबीयत में काफी सुधार भी हुआ था और हम उसके कोरोना निगेटिव होने का इंतजार कर रहे थे. प्रोफेसर माथुर ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि उसने भागने की कोशिश की और इसी दौरान गिरने से सिर में चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है.

 

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