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UP Panchayat Result: BJP सांसद कौशल किशोर की बहू भी हारीं चुनाव

चुनाव परिणाम के नतीजों के बीच बीजेपी ने सूबे में जबरदस्त समर्थन मिलने का दावा किया है. बीजेपी का कहना है कि जिला पंचायत चुनाव में अभी तक पार्टी समर्थित 918 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. 456 उम्मीदवार आगे हैं और तमाम निर्दलीय उम्मीदवार भी पार्टी के संपर्क में हैं.

यूपी में पंचायत चुनाव के परिणाम जारी कर दिए गए हैं. (फाइल फोटो) यूपी में पंचायत चुनाव के परिणाम जारी कर दिए गए हैं. (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी जीतीं
  • जौनपुर से दीक्षा सिंह की हार, बीजेपी प्रत्याशी को मिली जीत
  • मुलायम सिंह की भतीजी भी हारीं

यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नतीजे घोषित किए गए हैं. यूपी में 58,189 ग्राम पंचायतों, 7, 32, 563 ग्राम पंचायत सदस्य, 75, 855, क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) और यूपी के सभी 75 जिलों में 3051 जिला पंचायत सदस्यों को चुनने के लिए चार चरणों में मतदान हुए थे.

UP Panchayat Election Live Update

04:00 PM:

बुन्देलखंड के सभी सात जिलो ( हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट. जालौन, झांसी , ललितपुर ) में जिला पंचायत की कुल 148 सीट है जिनमे से भाजपा, सपा , बासपा की स्थिति निम्न है. 

BJP = 44 
SP= 34
BSP= 31

कांग्रेस, अपना दल, निषाद पार्टी और निर्दलीयों ने 39 सीट पर कब्जा किया है. हालांकि ये सभी दावे पार्टियों की तरफ से की गई है. अभी चुनाव आयोग ने आंकड़े जारी नहीं किए हैं.

1:48 PM: इटावा की जिला पंचायत की 24 सीटों के परिणाम घोषित हुए.

सपा - प्रसपा (संयुक्त) -- 16 सीट पर विजयी रहे (प्रसपा- दो सीट)
भाजपा -- 01 सीट पर जीत 
बसपा -- 01 सीट पर जीत 
निर्दलीय -- 04 सीट पर जीत

1:28 PM: एटा के सभी 30 जिला पंचायत सीटों के नतीजे घोषित किए गए हैं. हालांकि, प्रशासन की ओर से औपचारिक ऐलान बाकी है.
15 सीटों पर सपा विजयी.
9 सीटों पर निर्दलीय विजयी.
4 सीटों पर बीजेपी विजयी.
1 सीट पर बसपा विजयी.
1 सीट पर प्रसपा विजयी.

1:10 PM: फर्रुखाबाद के जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में भी सपा का डंका बजा. सपा 11 सीटों पर जीत गई, जबकि बीजेपी के हिस्से सिर्फ 4 सीटें आई. बसपा दो सीटों पर जीती और अन्य 13 पर जीते हैं. अभी किसी को जीत का प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है.

1:00 PM: कोरोना वायरस के बीच पंचायत चुनाव कराना शायद भारतीय जनता पार्टी को भारी पड़ गया. लखनऊ के मोहनलालगंज संसदीय क्षेत्र से बीजेपी सांसद कौशल किशोर अपनी बहू को भी हारने से नहीं बचा सके और उनकी बहू चुनाव हार गईं. हालांकि वह निर्दलीय चुनाव लड़ी थीं. लखनऊ में सपा के खाते में जिला पंचायत की 10 सीटें गई हैं. जिला पंचायत सदस्य की 5 सीटों पर बहुजन समाज पार्टी जीती है. वहीं बीजेपी महज 03 सीटों पर ही सीमित रह गई. 7 पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की.

11:27 AM: बाराबंकी जिले की 57 सीटों में 37 सीटों का रिजल्ट आ गया है. इसमें से ज्यादातर सीटों पर सपा समर्थित और निर्दलीय प्रत्याशियों के कब्जा रहा है. इस बार पंचायत चुनाव में भारतीय किसान यूनियन समर्थित प्रत्याशियों ने अपना परचम लहराया है. दो सीटों पर भाकियू के प्रत्याशी जीते हैं.

7:00 AM: अभी तक 3050 में 2719 सीटों के नतीजे/रुझान सामने आ चुके हैं. बीजेपी- 811, समाजवादी पार्टी-680, बहुजन समाज पार्टी- 290, कांग्रेस-58 और अन्य-880 जीत चुके हैं या आगे हैं.

बीजेपी ने किया जीत का दावा

इससे पहले चुनाव परिणाम के नतीजों के बीच बीजेपी ने सूबे में जबरदस्त समर्थन मिलने का दावा किया है. बीजेपी का कहना है कि जिला पंचायत चुनाव में अभी तक पार्टी समर्थित 918 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. 456 उम्मीदवार आगे हैं और तमाम निर्दलीय उम्मीदवार भी पार्टी के संपर्क में हैं.

अयोध्या में बीजेपी की करारी हार

राम की नगरी अयोध्या में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ रहा है. अयोध्या जनपद में जिला पंचायत की कुल 40 सीटो में से 24 पदों पर समाजवादी पार्टी परचम फहराने के करीब हैं. जिसमें से 22 सीटों पर मतगणना हो चुकी है और सपा ने अपना परचम भी फहरा दिया है. बाकि की दो सीटों पर मतगणना अपने अंतिम दौर में है. वहीं, 6 सीटों पर भाजपा चुनाव जीत चुकी है.

मथुरा में बीएसपी ने मारी बाजी

मथुरा जिले की बात करें तो यहां भी बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है. मथुरा में बहुजन समाज पार्टी ने बाजी मारी है. यहां बसपा के 12 उम्मीदवारों ने जीत का परचम फहराया है. बसपा के बाद रालोद ने 9 सीटों पर कब्जा किया तो वहीं, भाजपा 8 सीटों पर ही सिमट कर रह गई. सपा की बात करें तो यहां  सपा को 1 सीटों से काम चलाना पड़ा. निर्दलीय 3 प्रत्याशियों को जीत मिली है. मथुरा में कांग्रेस का सूफड़ा साफ हो गया है. खुद कांग्रेस जिलाध्यक्ष चुनाव हार गए हैं.

काशी में भी बीजेपी को झटका

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी भाजपा की लुटिया डूब रही है और भाजपा को बड़ा झटका लगा है. जिला पंचायत की 40 सीटों में से बीजेपी के खाते में महज 8 सीटें आईं हैं. वहीं 14 सीटों पर सपा ने कब्जा किया है.बसपा की बात करें तो उसने पांच सीटों पर जीत हासिल की है. हालांकि बनारस में अपना दल(एस) को 3 सीट मिली है. आम आदमी पार्टी और ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को भी 1-1 सीट से काम चलाना पड़ा है. 3 निर्दल प्रत्याशी भी चुनाव जीते हैं.

मऊ में 34 सीटों के परिणाम जारी

मऊ जिले में कुल 34 जिला पंचायत सदस्यों के सीटों के चुनाव परिणाम आ चुके हैं.यहां निर्दलियों ने 21 सीटों पर जीत हासिल की है. सपा की बात करें तो यहां भी सपा भाजपा से ज्यादा सीटें जीती हैं. सपा को 6 सीटों पर जीत मिली है तो वहीं, भाजपा को 2 सीटें प्राप्त हुई हैं.बसपा को 3 सीटें मिलीं. और सुभासपा को 2 सीटें मिलीं.

आजमगढ़ में सपा ने मारी बाजी

आज़मगढ़ जिले में सपा ने बाजी मारी है. कुल 84 जिला पंचायत की सीटों में बीजेपी को सिर्फ 10 सीटें पर ही जीत से संतोष करना पड़ा. बीजेपी से ज़्यादा सीटें बसपा ने जीती. बसपा को 14 सीटें मिलीं और वहीँ सबसे ज्यादा विजयी सीटों के साथ सपा ने कुल 22 सीटों पर अपने झंडे गाड़े. कांग्रेस और एआईएमआईएम को 1-1 सीटें जीत कर संतोष करना पड़ा. आजमगढ़ से 6 सीटों पर निर्दलियों ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता है.

रामपुर में आपस में भिड़े दो पक्ष के लोग

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना का कार्य जनपद रामपुर में अभी भी जारी है. एक प्रधान प्रत्याशी जीतने के बाद जुलूस की शक्ल में गुरुद्वारे माथा टेकने जा रहे थे. इसी दौरान उनकी कुछ लोगों से कहासुनी हुई जिस पर दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे पर लाठी-डंडे और तलवारबाजी कर जान लेने पर उतारू ही गये.  इस दौरान  3 लोग घायल हो गए. इस मामले में थाना मिलक खानम पुलिस ने 14 नामज़द. और कुछ अज्ञात लोगो के खिलाफ  मामला दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

बीजेपी का जबरदस्त समर्थन का दावा

बीजेपी के मुताबिक पश्चिम क्षेत्र के कुल 14 जिले में 446 जिला पंचायत वार्ड है. जिसमें से पार्टी के खाते में 132 सीटें आईं हैं और 72 सीटों पर बीजेपी आगे है. ब्रज क्षेत्र के 12 जिलों में 463 जिला पंचायत वार्ड है. यहां बीजेपी समर्थित 137 उम्मीदवार जीते हैं और 74 आगे चल रहे हैं. कानपुर क्षेत्र के 14 जिलों में 363 जिला पंचायत वार्ड में 107 सीटों पर पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है. जबकि 70 उम्मीदवार आगे हैं.

अवध क्षेत्र के 13 जिलों में 679 जिला पंचायत वार्ड हैं. यहां बीजेपी ने 194 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि 78 सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार आगे हैं. काशी क्षेत्र के 12 जिलों में 574 जिला पंचायत वार्ड  में 187 सीटों पर जीत मिली है  जबकि 80 सीटों पर बीजेपी आगे है. गोरखपुर क्षेत्र के 10 जिलों में 526 जिला पंचायत वार्ड  में से 161 सीटों पर बीजेपी समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है जबकि 82 सीटों पर पार्टी के उम्मीदवार आगे हैं.

कई नामी चेहरों की हार, इनको मिली जीत

यूपी के पंचायत चुनाव में कई नामी चेहरे उतरे थे. कुछ के हाथों हार लगी है तो कुछ लोगों ने जीत दर्ज की है. मैनपुरी में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की भतीजी संध्या यादव चुनाव हार गई हैं. हाल में ही संध्या यादव सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं. वह मैनपुरी के वार्ड नंबर 18 से जिला पंचायत सदस्य पद की उम्मीदवार थीं. यूपी के जौनपुर जिला पंचायत सदस्य सिकरारा से बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला धनंजय सिंह ने जीत दर्ज की है. 

उन्नाव के सजायाफ्ता विधायक व पूर्व भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर के घर में प्रधानी बची थी वो भी अब छिन गयी है. कुलदीप सिंह सेंगर के गांव में उनके धुर विरोधी शिशुपाल सिंह प्रधान चुने गए हैं. यानी कि अब कुलदीप सिंह के घर से सारे राजनीतिक पद समाप्त हो गए हैं.

जौनपुर के 83 जिला पंचायत सदस्य वार्ड में बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला है. जहां मिस इंडिया रनरअप दीक्षा सिंह और लंदन रिटर्न IIM पास उर्वशी सिंह की हार की जबरदस्त चर्चा है. दीक्षा के खिलाफ भाजपा समर्थित प्रत्याशी नगीना सिंह ने लगभग 2000 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है.

 

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