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UP: ब्लड के नाम पर लाल रंग की दवा मिलाकर चढ़ाया ग्लूकोज, मरीज की मां से ले लिए 5 हजार!

UP News: उत्तर प्रदेश के महोबा के जिला अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला ने मरीज को ब्लड देने के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया है. महिला ने आरोप लगाया कि उसके बीमार बेटे को डॉक्टर ने खून की कमी बताई थी. इसके बाद उसने जेवर बेचकर पैसों का इंतजाम किया. अस्पताल की एक महिला स्वास्थ्य कर्मी ने उससे खून चढ़ाने के नाम पर पांच हजार रुपए ले ​लिए और लाल रंग की दवा मिलाकर ग्लूकोज चढ़ा दिया.

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अस्पताल में महिला से पूछताछ करते जिम्मेदार. अस्पताल में महिला से पूछताछ करते जिम्मेदार.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महिला से हुई ठगी के मामले में जांच टीम गठित
  • वृद्ध महिला ने बेच दिए थे कान के बाले और अंगूठी

उत्तर प्रदेश के महोबा के जिला अस्पताल में एक बुजुर्ग महिला अपने बीमार बेटे का इलाज कराने पहुंची. डॉक्टरों ने उसे ब्लड चढ़ाने के लिए बोला. आरोप है कि महिला ने अपने जेवरात बेचकर पैसों की व्यवस्था की और खून के इंतजाम के लिए 5 हजार रुपए की रिश्वत अस्पताल की महिला स्वास्थ्यकर्मी को दी. इसके बाद ब्लड चढ़ाने के नाम पर ग्लूकोज में लाल रंग का इंजेक्शन मिलाकर चढ़ा दिया गया. मामला सुर्खियों में आया तो हड़कंप मच गया. सीएमएस ने 3 सदस्यीय टीम बनाकर जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है.

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जानकारी के अनुसार, महोबा जिला अस्पताल में भडरा गांव की बुजुर्ग महिला राम कुमारी अपने पुत्र जुगल का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंची थी. डॉक्टर ने जुगल को खून की कमी बताई.

आरोप है कि इसके बाद जिला अस्पताल में तैनात एक महिला स्वास्थ्य कर्मी राजकुमारी ने बुजुर्ग महिला से खून चढ़ाने के नाम पर पांच हजार रुपए की रिश्वत ले ली और ग्लूकोज की बोतल में लाल रंग का इंजेक्शन मिलाकर चढ़ा दिया.

कहा जा रहा है कि महिला ने अपने कान के बाले और अंगूठी बेचकर पैसों इंतजाम किया था, लेकिन उसके साथ अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मी ने धोखाधड़ी कर दी.

इस मामले को लेकर समाजसेवियों ने जिला अस्पताल पहुंचकर CMS से शिकायत की. आरोपी महिला स्वास्थ्य कर्मी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की.

जिला अस्पताल के CMS डॉ. आरपी मिश्रा ने मामले की जांच को लेकर तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी. जब टीम जांच करने वार्ड नंबर 1 में भर्ती रहे मरीज को देखने पहुंची तो वहां न तो मरीज मिला और न ही बुजुर्ग महिला थी.

जानकारी करने पर पता चला कि मरीज की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसकी मां जिला अस्पताल से लेकर चली गई है. अब जांच और कार्रवाई की बात कहकर अधिकारी भी अपना पल्ला झाड़ते दिखाई दे रहे हैं. वहीं मरीज और तीमारदार दोनों ही नहीं मिले.

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