अगर आपके पास 1950 से पहले का बना पुश्तैनी मकान है तो अब यह आपके लिए बढिय़ा कमाई का जरिया बन सकता है. उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए पहल की है. इसके तहत 1950 से पहले बने निजी भवनों को हेरिटेज होटल में बदलने के लिए सरकार से अनुदान मिलेगा.
इस अनुदान के लिए शर्त ये होगी कि घर के बाहरी स्वरूप में कोई बदलाव न किया गया हो. इसके साथ ही भवन की वास्तु संबंधी विशेषताओं में भी किसी तरह के बदलाव की अनुमति नहीं होगी. इसके लिए पूंजी निवेश की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है. लेकिन अनुदान राष्ट्रीयकृत बैंक से ऋण लेने पर ही मिलेगा.
ऋण राशि की 120 प्रतिशत परियोजना लागत मानी जाएगी. आवेदन पत्रों पर तेजी से फैसला लिया जा सके, इस लिए पर्यटन निदेशालय में हेरिटेज सेल बनाने का फैसला भी किया गया है.
यही नहीं ऐतिहासिक (विरासत) महत्व की हवेलियों, महलों, किलों और कोठियों को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने के लिए तैयार हेरिटेज पर्यटन नीति को प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी. हेरिटेज पर्यटन नीति लागू करने के लिए पर्यटन विभाग इसी महीने अधिसूचना जारी करेगा, जो अगले पांच वर्षों तक मान्य होगी.