उत्तर प्रदेश के देवरिया के डिप्टी CMO पर बैतालपुर PHC की एक स्टाफ नर्स ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है. इस मामले में नर्स ने CMO से लिखित शिकायत की है. CMO ने जांच के लिए विशाखा गाइडलाइन के तहत तीन सदस्यीय टीम गठित की है. आरोपी डिप्टी सीएमओ डॉक्टर बीपी सिंह का कहना है कि वे क्षेत्राधिकारी हैं. स्टाफ नर्स और यहां के चिकित्साधिकारी की संबद्धता खत्म करके मूल जगह तैनाती कर दी गई है और ट्रांसफर लेटर पर उनके सिग्नेचर हैं. इसलिए उन पर डॉक्टर अनुपम दुबे के इशारे पर स्टाफ नर्स आरोप लगा रही है, जो बेबुनियाद और निराधार हैं.
इस मामले पर देवरिया के DM जेपी सिंह ने कहा कि दो प्रकरण हैं. आरोप-प्रत्यारोप हैं. नर्स ने एक डॉक्टर पर आरोप लगाया है कि गलत भाव से उसका ट्रांसफर किया गया है. इस मामले की जांच की जा रही है. जो भी रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैतालपुर पर तैनात एक स्टाफ नर्स ने एएनएम और डिप्टी सीएमओ डॉक्टर बीपी सिंह पर आरोप लगाया है कि वे ट्रांसफर करने व लेबर रूम से हटाने की धमकी देकर पैसे की मांग करते हैं. यह आर्थिक शोषण कई महीनों से किया जा रहा है. पीड़ित नर्स का आरोप है कि डिप्टी सीएमओ कई बार धमकी दे चुके हैं.
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नर्स ने कहा कि एएनएम द्वारा उसके पति व देवर के साथ 24 मई की रात ड्यूटी के दौरान जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल कर धमकी दी गई, साथ ही एसिड अटैक की भी धमकी दी गई. नर्स का कहना है कि थाना में लिखित शिकायत देने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई. पीड़िता ने मामले में सीएम ऑफिस, स्वास्थ्य मंत्री व जिलाधिकारी से शिकायत की है. पीड़िता का कहना है कि एसओ ने एफआईआर दर्ज नहीं की, उन्होंने बोल दिया कि सदर एसडीएम सौरभ सिंह से जाकर मिलिए. इस मामले के संज्ञान में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया.
CMO ने तीन डॉक्टरों की टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं. पीड़ित स्टाफ नर्स ने कहा कि मुझे बार-बार धमकी दी जाती है. मैं तीन साल से प्रताड़ित हो रही हूं. वहीं आरोपी डिप्टी सीएमओ डॉक्टर बीपी सिंह का कहना है कि आरोप बिल्कुल निराधार हैं. मैं क्षेत्राधिकारी हूं. ट्रांसफर लेटर पर मेरा भी सिग्नेचर है, जबकि सीएमओ ने 12 तारीख को ही कहा था कि सबकी सम्बद्धता समाप्त की जाए. उनको अपने मूल जगह पर भेज दिया जाए.
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आरोपी एएनएम का कहना है कि डीएम के आदेश से ट्रांसफर हुआ है, सबको जाना है, सबके लिए कागज बन चुका है. इनका ट्रांसफर हुआ है, तब से हंमामा हो रहा है. ट्रांसफर के बाद ही क्यों इल्जाम लगा रही हैं, पहले क्यों नहीं इल्जाम लगाए. एसिड अटैक का आरोप गलत है. देवरिया के जिलाधिकारी जेपी सिंह ने कहा कि दो प्रकरण संज्ञान में लाए गए हैं. एक स्टाफ नर्स ने बयान दिया है कि डॉक्टर ने गलत भाव से उसका ट्रांसफर किया है. इसमें विशाखा गाइडलाइन के जरिए सीएमओ द्वारा जांच कराई जा रही है. जो भी जांच परिणाम होंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.