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पत्नी उद्यमी, पति अंतरराष्ट्रीय शूटर... फिर भी सियासत में रखा कदम, जानिए लखनऊ के इस कपल के बारे में

यह कहानी है विनोद मिश्र और अनीता मिश्रा की. पति अंतरराष्ट्रीय शूटर और पत्नी ब्यूटी सैलून-अकेडमी ऑनर... लेकिन अभी दोनों का ठिकाना है शिवपाल सिंह यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया). जानिए लखनऊ के इस कपल ने क्यों ली पॉलिटिक्स में एंट्री?

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विनोद मिश्र और अनीता मिश्रा को प्रसपा की सदस्यता दिलाते शिवपाल सिंह यादव
विनोद मिश्र और अनीता मिश्रा को प्रसपा की सदस्यता दिलाते शिवपाल सिंह यादव

पति अंतरराष्ट्रीय शूटर और पत्नी ब्यूटी सैलून-अकेडमी ऑनर... लेकिन अभी दोनों का ठिकाना है शिवपाल सिंह यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया). यह कहानी है विनोद मिश्र और अनीता मिश्रा की. आइए जानते हैं कि कैसे विनोद मिश्र और अनीता मिश्रा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की.

कौन हैं विनोद मिश्र

वाराणसी के रहने वाले विनोद मिश्र ने अपनी पूरी पढ़ाई बाबा विश्वनाथ की नगरी से ही की है. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में पढ़ाई के दौरान विनोद मिश्र ने अंतर विश्वविद्यालय स्तर पर क्रिकेट, कुश्ती, तैराकी, शूटिंग अदि खेलों में हिस्सा लिया. पढ़ाई खत्म होने के बाद विनोद मिश्र ने शूटिंग में करिअर बनाने की सोची और अंतरराष्ट्रीय शूटर बने.

विनोद मिश्र ने 2020 बड़ोदरा में संपन्न हुए शूटिंग प्रतियोगिता में 270 खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए 0.22 बोर स्टैण्डर्ड और 0.32 बोर सेंटर फायर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया. विनोद मिश्र इन दिनों लखनऊ में ओलंपिक पदक विजेता गगन नारंग के साथ विश्व स्तरीय शूटिंग रेंज भी चलाते हैं. 

कौन हैं अनीता मिश्रा

अनीता मिश्रा चार भाई-बहनों के साथ वाराणसी के चकिया में पली-बढ़ी, यहीं से उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से जूलॉजी ऑनर्स में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और लखनऊ से कंप्यूटर साइंस में स्नातकोत्तर किया. बाद में उन्होंने प्रतिष्ठित लंदन स्कूल ऑफ कॉस्मेटोलॉजी से डिप्लोमा किया.

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वाराणसी के शिक्षाविदों के परिवार से आने वाली अनीता मिश्रा इन दिनों 6 लक्मे ब्यूटी सैलून और 2 लैक्मे अकेडमी चला रही हैं. उनके सैलून को पैंटालून फेमिना मिस यूपी प्रतियोगिता 2013 और 2014 के लिए आधिकारिक सौंदर्य और मेकअप पार्टनर के रूप में चुना गया था. अनीता मिश्रा ने अपनी पहली नौकरी यूरेका फोर्ब्स में की, फिर अपना सफर शुरू कर दिया.

अनीता मिश्रा एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, जो जरूरतमंद लोगों के लाभ के लिए काम कर रही हैं. कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अपने मिशन 'स्वास्थ्य और स्वच्छता' के माध्यम से शहर के विभिन्न गांवों और झुग्गियों में बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने का लक्ष्य रखा. बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने का उनका मिशन अभी भी जारी है.

विनोद और अनीता ने राजनीति में क्यों ली एंट्री?

अब सवाल उठता है कि विनोद और अनीता अपने-अपने फिल्ड में सेटल थे तो उन्होंने राजनीति में क्यों एंट्री ली? इस सवाल का जवाब देते हुए विनोद मिश्र ने आजतक डिजिटल से कहा कि हमारा राजनीति में आने का कोई प्लान नहीं था, लेकिन 2016 में जिस तरह से शिवपाल सिंह यादव को समाजवादी पार्टी (सपा) से बाहर निकाला गया, वह हमें बुरा लगा था.

विनोद मिश्र बताते हैं कि हम कभी भी राजनीति में नहीं जाना चाहते थे, लेकिन हमनें शिवपाल सिंह यादव के कारण राजनीति ज्वॉइन की. वहीं, अनीता मिश्रा ने आजतक डिजिटल को बताया कि समाजसेवा को बड़ा स्वरूप देने के लिए मैं राजनीति में आईं, हमने प्रसपा को चुना क्योंकि शिवपालजी के साथ अन्याय हुआ है.
 
प्रसपा महिला सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता अनीता मिश्रा ने कहा कि शिवपालजी ने जब अलग होकर अपनी पार्टी बनाई थी, तब मैं और विनोदजी उनसे मिलने गए थे, हमने उनके साथ किए गए व्यवहार पर सहानुभूति जताई, तब तक हमारा राजनीति में आने का कोई प्लान नहीं था, लेकिन शिवपालजी के कहने पर हमने प्रसपा ज्वॉइन किया.

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2022 के चुनाव में क्या होगा प्रसपा का भविष्य?

इस सवाल का जवाब देते हुए अनीता मिश्रा ने कहा कि शिवपालजी जमीनी नेता हैं, अभी हमारी सामाजिक परिवर्तन यात्रा निकल रही है, शिवपालजी को हर जिले में बड़ा जनसमर्थन मिल रहा है इससे साफ है कि उस पार्टी की ही सत्ता आएगी जिधर शिवपालजी होंगे, हम पार्टी चाहती है कि सपा और प्रसपा का गठबंधन हो जाए.

 

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