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मुजफ्फरनगरः RLD पर बरसे संजीव बालियान, बोले- उनके नेताओं ने की अभद्रता, मामले की जांच हो

संजीव बालियान ने कहा, 'सबको मर्यादा में रहकर बात करनी चाहिए. भैंसवाल में समाजवादी पार्टी के लोगों और सोरम में लोकदल के नेताओं ने विरोध किया था. मैं मुजफ्फरनगर में ही रहूंगा, ये लोग पॉलिटिकल टूरिज्म पर आते हैं.' उन्होंने कहा कि तीन महीनों से आंदोलन चल रहा है. कहीं कोई डंडा नहीं उठा, लेकिन ये लोग किसानों के कंधों का इस्तेमाल कर रहे हैं.

रस्म पगड़ी के दौरान लोगों के बीच केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान (फोटो-ट्विटर) रस्म पगड़ी के दौरान लोगों के बीच केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान (फोटो-ट्विटर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'मैं बालियान खाप का बहुत सम्मान करता हूं'
  • 'RLD के नेताओं की कॉल डिटेल निकाली जाए'
  • माहौल खराब करने का था प्रयासः संजीव बालियान

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के सोरम गांव में कल सोमवार को किसानों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के आपस में भिड़ जाने, तीखी नोकझोंक फिर मारपीट की घटना की केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने निंदा की और आरोप लगाया कि राष्ट्रीय लोकदल के नेता वहां पहुंचे और अभद्रता की. मामले की जांच होनी चाहिए.

मुजफ्फरनगर में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने सोमवार की घटना की निंदा करते हुए कहा, 'सोरम एक ऐतिहासिक गांव है. मेरा अपना गांव है. बहुत प्यार मिला यहां. कल की घटना पर मैं कुछ कहना चाहता हूं, कल तीन बजे के करीब राजबीर की रस्म पगड़ी में गया था तो वहां राष्ट्रीय लोकदल के नेता पहुंचे और अभद्रता की.'

उन्होंने कहा, 'शोक का समय था, गांव वालों ने उन लोगों को भगाया और 10 मिनट में ही राष्ट्रीय लोकदल के नेता वहां पहुंच ग‌ए और ट्वीट कर दिया. मैं प्रशासन से जांच की मांग करता हूं.'

मामले की जांच की मांग करते हुए संजीव बालियान ने कहा, '2013 में दंगा हुआ. सोरम गांव के लोग मरे, लेकिन इन लोगों ने कभी नहीं पूछा. लेकिन आज ये लोग इस तरह कर रहे हैं. किसान के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना चाहते हैं. हमारे समाज को तोड़ना चाहते हैं. इस घटना से मैं बहुत आहत हूं. लोकदल के नेताओं की कॉल डिटेल निकालनी चाहिए, नेता कैसे वहां पहुंचे. सोरम की मस्जिद से ऐलान हुआ. जांच होनी चाहिए.'

माहौल खराब करने की कोशिशः बालियान
संजीव बालियान ने कहा, 'सबको मर्यादा में रहकर बात करनी चाहिए. भैंसवाल में समाजवादी पार्टी के लोगों और सोरम में लोकदल के नेताओं ने विरोध किया था. मैं मुजफ्फरनगर में ही रहूंगा, ये लोग पॉलिटिकल टूरिज्म पर आते हैं.' उन्होंने कहा कि तीन महीनों से आंदोलन चल रहा है. कहीं कोई डंडा नहीं उठा, लेकिन ये लोग किसानों के कंधों का इस्तेमाल कर रहे हैं. मैं मामले में निष्पक्ष जांच चाहता हूं.'

संजीव बालियान ने यह भी कहा, 'मैं यहां से सांसद हूं. हमारी केंद्र में सरकार है. मैं अपनी बात कहने खाप चौधरियों के बीच गया था. खाप में पहले भी जाता रहा हूं, यहां माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है.'

उन्होंने कहा, 'मैं बालियान खाप का बहुत सम्मान करता हूं अगर अनुमति देंगे तो मैं उनके बीच जाना चाहूंगा.' किसानों के जारी आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि समस्या का हल बातचीत से ही निकलेगा. 12 दौर की बातचीत भी हुई है.

संजीव बालियान ने विपक्षियों पर हमला करते हुए कहा कि हम मुजफ्फरनगर का माहौल खराब नहीं होने देंगे. लोकदल के लोग जरूरत में यहां कभी नहीं होते. किसानों के कंधे का इस्तेमाल ना करें. चुनाव लड़ें और सामने आएं.

उन्होंने कहा, 'मुजफ्फरनगर की जनता का समर्थन मिला तभी आज मैं सांसद हूं. मैं ट्विटर वाला नेता नहीं बनना चाहता हूं. किसी भी भारतीय जनता पार्टी के नेता या कार्यकर्ता के साथ कोई घटना घटती है तो पूरी पार्टी साथ है.'

RLD प्रमुख अजित सिंह पहुंचे सोरम गांव 
मुजफ्फरनगर के सोरम गांव में कल सोमवार को बीजेपी समर्थकों और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के समर्थक किसानों के बीच हुई मारपीट के बाद मंगलवार को आरएलडी प्रमुख अजित सिंह खुद सोरम गांव में पहुंचे. 

चौपाल पर एक पंचायत को संबोधित करते हुए अजित सिंह ने कहा कि अब पेट्रोल के दाम इतने बढ़ गए हैं कि आज दूध 50 रुपये आता है और पेट्रोल 100 रुपये में मिल रहा है और गलती पुरानी सरकार की है, ये बहकाने का काम कर रहे हैं. अब अगर कोई मंत्री आएगा तो क्या किसान उनसे नहीं पूछेगा कि हमारे गन्ने का दम कब मिलेगा उस पर उनको नाराज होने की क्या जरूरत है. अगर वो जवाब नहीं देगे और गलती करोगे तो जिंदाबाद-मुर्दाबाद के नारे तो लगेंगे ही, इसका मतलब ये थोड़ी है कि आकर के तुम मारपीट करोगे,आप सुनिए लोगो को समझाइए.

अजित सिंह ने कहा कि ये भी पढ़े-लिखे लोग हैं और मैं भी पढ़ा-लिखा हूं. मुझे ही समझा दें तो मैं आप लोगों को समझा दूंगा. इन्हें गांव-गांव जाने की जरूरत नहीं है, ये घर बैठे रहे मैं ही आपको समझा दूंगा.

किसानों को संबोधित करने के बाद अजित सिंह खुद चलकर कल मार-पिटाई के पीड़ितों के घर गए और उनसे बातचीत की.

 

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