नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ उत्तर प्रदेश के बिजनौर में भड़की हिंसा मामले में पुलिस ने माना कि प्रदर्शनकारी युवक की मौत पुलिस फायरिंग में ही हुई है. जिला पुलिस ने इससे पहले दावा किया था कि बीते सप्ताह पुलिस ने कहीं फायरिंग नहीं की थी जिसमें किसी की मौत हुई हो.
एसपी (ग्रामीण) विश्वजीत श्रीवास्तव ने मंगलवार को कहा कि भीड़ पुलिस पर आक्रमण कर रही थी. नहटौर में पुलिस ने बचाव में फायरिंग की जिसमें एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई. 20 दिसंबर को शुक्रवार की नमाज के बाद हिंसक भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया, पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चला दी.
जिला पुलिस ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) के उस दावे के उलट स्वीकार किया कि नागरिकता कानून के खिलाफ पिछले हफ्ते प्रदर्शन के दौरान आत्मरक्षा में गोली चलाने से एक युवक की मौत हो गई. जबकि पुलिस महानिदेशक ने कहा था कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस गोलीबारी में किसी की मौत नहीं हुई थी.
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विश्वजीत श्रीवास्तव ने मंगलवार को कहा कि नहटौर इलाके में एक हिंसक भीड़ का सामना करते समय एक पुलिसकर्मी ने गोली चलाने से 22 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई.
नमाज के बाद हिंसा भड़की
उन्होंने कहा कि 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद हिंसक भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन पर हमला किया और सब इंस्पेक्टर आशीष तोमर की पिस्तौल छीन ली. इस दौरान एक कांस्टेबल ने जब आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, तो यह 'प्रदर्शनकारी' सुलेमान को लग गई और उससे उसकी मौत हो गई.
दूसरी ओर, सुलेमान के परिवार का कहना था कि वह सिविल सेवा प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और विरोध प्रदर्शन से उसका कोई लेना-देना नहीं था.
एसपी ने बताया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी में एक अन्य व्यक्ति अनीस भी मारा गया. बिजनौर के पुलिस अधीक्षक संजीव त्यागी ने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया. प्रदर्शनकारियों ने बच्चों को सामने रखा और नारेबाजी, पथराव और आगजनी का सहारा लिया.
32 लोगों पर FIRः SP
एसपी ने आगे कहा कि 32 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई और जिले में 215 लोगों को गिरफ्तार किया गया, फिलहाल वहां पर स्थिति सामान्य है. उन्होंने कहा कि इस तरह के कृत्यों में शामिल होने के माहिर तीन मास्टरमाइंड पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया है.
यह पहली बार है कि राज्य पुलिस ने स्वीकार किया है कि उन्होंने राज्य में हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान गोलियां चलाई है. कम से कम 17 लोगों के मारे जाने की सूचना है.
इससे पहले पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि पुलिस फायरिंग में कोई नहीं मारा गया और ज्यादातर मौतों का दोष 'क्रॉस-फायरिंग' को दिया गया.