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पीएम मोदी ने अलीगढ़ से किया सीतापुर के आंख के अस्पताल का जिक्र, जानिए क्या है वजह?

पीएम मोदी ने कहा, उस वक्त अगर किसी को आंख का इलाज कराना होता था तो हर कोई यही कहता था कि सीतापुर जाओ. इससे पहले पीएम मोदी ने कोरोना काल में उत्तर प्रदेश के विधायकों से वर्चुअली बातचीत के दौरान हरगांव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेश राही से सीतापुर आंख अस्पताल के बारे में जानकारी ली थी.

सीतापुर का आंख अस्पताल सीतापुर का आंख अस्पताल
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दुनियाभर में प्रसिद्ध रहा सीतापुर आंख अस्पताल
  • पीएम मोदी ने कहा- बचपन में उप्र के दो शहरों के बारे में सुना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अलीगढ़ दौरे पर थे. यहां उन्होंने तमाम योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. यहां यूनिवर्सिटी के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने एक बार फिर सीतापुर का जिक्र किया. पीएम मोदी ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा, बचपन में हम उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों से परिचित रहे. एक अलीगढ़, जो बेहतरीन तालों के लिए मशहूर था और दूसरा शहर सीतापुर, जिसे लोग आंखों के इलाज के लिए पूरी दुनिया जानती थी. 

पीएम मोदी ने कहा, उस वक्त अगर किसी को आंख का इलाज कराना होता था तो हर कोई यही कहता था कि सीतापुर जाओ. इससे पहले पीएम मोदी ने कोरोना काल में उत्तर प्रदेश के विधायकों से वर्चुअली बातचीत के दौरान हरगांव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेश राही से सीतापुर आंख अस्पताल के बारे में जानकारी ली थी. 
 
एक बार फिर चर्चा में आया आंख का अस्पताल
नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जब एक बार फिर सीतापुर का नाम अपने भाषण में लिया तो यहां के आंखों के अस्पताल को लेकर चर्चा शुरू हो गई. यहां के लोगों में यह आशा जग गई है कि पीएम मोदी को आज भी सीतापुर के आंख के अस्पताल की याद है. ऐसे में शायद पुरानी ख्याति को खो चुके सीतापुर आंख अस्पताल को फिर से नई सौगातें मिल सकती हैं. 

एक झोपड़ी में शुरू हुआ था अस्पताल
1926 में खैराबाद के जिला बोर्ड के एक अस्पताल में आंखों के इलाज के लिए तैनात डॉक्टर एमपी मेहरे की पहल के चलते इस अस्पताल की स्थापना हुई थी. शुरुआत में यह अस्पताल जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर खैराबाद में एक झोपड़ी में शुरू हुआ था. लेकिन बाद में मरीजों की बढ़ती संख्या को देख सीतापुर में एक बड़े से इलाके में बनाई गई एक इमारत में इसे शिफ्ट कर दिया गया. यह बिल्डिंग इतनी बड़ी है कि बड़े-बड़े जिलों में चलने वाले कई अस्पताल में समाहित हो जाएं. 

यह हॉस्पिटल धीरे धीरे इतना प्रसिद्ध हो गया कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी मरीज सीतापुर आंखों का इलाज कराने के लिए आने लगे. यहां के पुराने लोग बताते हैं कि सर्दियों में सीतापुर का शायद ही कोई ऐसा घर बचता हो, जिसके यहां बाहरी जिलों के रिश्तेदार मोतियाबिंद का इलाज कराने ना आते हों. इतना ही नहीं यहां ग्लूकोमा और आंखों की अन्य बीमारियों का भी इलाज होता था. पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी , पूर्व राष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन और न जाने देश की कितनी जानी मानी शख्सियतों ने यहां आकर अस्पताल का दौरा किया.

देशभर में खुली थीं 32 ब्रांच
इस अस्पताल की सीतापुर समेत देशभर में 32 ब्रांचें खोली गईं. लेकिन धीरे धीरे मरीजों का आना जाना यहां कम हो गया. यहां इलाज की सुविधाओं में भी कामी आती गई. लेकिन पीएम मोदी ने अलीगढ़ से सीतापुर के आंख के अस्पताल का जिक्र किया, ऐसे में यहां के लोगों को सुधार की आशा बढ़ी है. 

 

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