कोरोना लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों का अपने गृह प्रदेश यूपी लौटना जारी है. उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने सोमवार को बताया कि अभी तक 184 ट्रेनों के जरिये 2.26 लाख मजदूर लाए जा चुके हैं जबकि 55 ट्रेनें आज यूपी पहुंच रही हैं. अवनीश अवस्थी ने बताया कि करीब एक लाख मजदूर ऐसे हैं जो अपने साधनों के जरिये प्रदेश पहुंचे हैं.
Chief Minister has ordered to arrange conveyance for migrant workers who are reaching to state border on foot. Govt is preparing a database of the skills of the incoming workers. Employment will be provided to 20 lakh people as per their skills: Additional Chief Secretary (Home) https://t.co/EJ0rjGOjYR
— ANI UP (@ANINewsUP) May 11, 2020
आगरा के सीएमओ को हटाया
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने आगरा के सीएमओ मुकेश वत्स और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के अतिरिक्त निदेशक ए.के. मित्तल को हटाकर उनकी जगह आर.सी. पांडे और अविनाश सिंह को नियुक्त किया है. सरकार ने यह कदम आगरा में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए उठाया है.
अधिकारी भेजे आगरा
खराब स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बढ़ते असंतोष और विभिन्न विभागों की लापरवाही की दैनिक रिपोर्ट के चलते राज्य सरकार ने रविवार देर रात वरिष्ठ अधिकारियों, प्रमुख सचिव आलोक कुमार और आईजी पुलिस विजय कुमार को स्थिति से निपटने और उसे नियंत्रण में लाने में मदद के लिए आगरा भेजा.
जिला मजिस्ट्रेट पी.एन.सिंह के अनुसार, कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या 25 थी, जबकि सोमवार सुबह तक कुल मामले 752 थे. अब तक 325 मरीज वायरस से उबर चुके हैं. शहर में अब भी 44 हॉटस्पॉट हैं. वहीं 9,000 से अधिक नमूनों का परीक्षण किया गया है.
आगरा छावनी क्षेत्रों में जहां लॉकडाउन प्रभावी ढंग से लागू किया गया था, वहां स्थिति काफी बेहतर थी. हॉटस्पॉट क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने में शिथिलता और गंभीरता की कमी के लिए पुलिस को दोषी ठहराया गया है.