प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोद लिए हुए 'आदर्श गांव' जयापुर में अब ज्ञान की गंगा बहाने के लिए एक लाइब्रेरी खोली गई है. इस लाइब्रेरी में इंजीनियरिंग और बैंकिंग के साथ रामचरितमानस और भगवद्गीता भी रखी गई है.
मकसद यही है कि जयापुर के छात्र अपना ज्ञानवर्धन कर सकें और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयारी कर सकें. गौरतलब है कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयापुर को गोद लिया, कई संस्थाएं यहां विकास में सहयोग करने के लिए आगे आई हैं. यह लाइब्रेरी भी एक निजी संस्था, बीएचयू और काशी विद्यापीठ के छात्रों के सहयोग से शुरू की गई है.

यहां कंप्यूटर इंटरनेट के साथ ही पत्रिकाएं और प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ी किताबें मौजूद हैं. जाहिर है कि यह किसी शहरी लाइब्रेरी जैसी उन्नत नहीं, लेकिन इसकी बदौलत अब जयापुर के छात्रों को किताबें पढ़ने कोसों दूर नहीं जाना पड़ेगा.
लाइब्रेरी के संचालक प्रदीप कुमार ने कहा, 'मोदी जी के संसदीय गांव में कोई निरक्षर नहीं रहना चाहिए.'