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यूपी: नोएडा लीजबैक घोटाले में सीएम योगी का एक्शन, सचिव को किया बर्खास्त

हरीश चंद्रा ने नोएडा विकास प्राधिकरण में बतौर सचिव तैनाती के दौरान अथॉरिटी की अर्जित और कब्जा प्राप्त भूमि को नियमों के खिलाफ जाकर लीजबैक (Nodia Leaseback scam) कर दिया था.

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नोएडा लीजबैक घोटाले में सीएम योगी का एक्शन
  • नोएडा अथॉरिटी के सचिव को बर्खास्त किया

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने लीजबैक घोटाले (Nodia Leaseback scam) में सख्त एक्शन लिया है. इसमें नोएडा अथॉरिटी के सचिव को सीएम योगी (Yogi Adityanath) ने बर्खास्त कर दिया है. दरअसल,  प्राधिकरण में तैनाती के दौरान तत्कालीन सचिव हरीश चंद्रा पर लीजबैक घोटाला करने का आरोप लगा था. आरोपों की जांच की गई और सत्यता पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मंगलवार को इस कार्रवाई का निर्देश दिया.

मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से जानकारी दी गई है कि हरीश चंद्रा ने नोएडा विकास प्राधिकरण में बतौर सचिव तैनाती के दौरान अथॉरिटी की अर्जित और कब्जा प्राप्त भूमि को नियमों के खिलाफ जाकर लीजबैक कर दिया था. नोएडा अथॉरिटी की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु महेश्वरी की ओर से जांच रिपोर्ट तैयार की गई थी.

भ्रष्टाचार के खिलाफ यूपी में सख्ती

यूपी में सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ पहले से सख्त है. योगी सरकार में 2 हजार से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों पर एक्शन लिया जा चुका है, जिन अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने एक्शन लिया उनमें 200 से ज्यादा आईएएस, आईपीएस और पीसीएस कैडर के अधिकारी भी शामिल हैं.  इतना ही नहीं सरकारी डॉक्टर, इंजीनियर और पुलिसकर्मियों के खिलाफ बड़ी संख्या में कार्रवाई हुई है. मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अबतक 17 आईपीएस और 07 आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है. इनमें ज़िले के डीएम, एसएसपी, डीआईजी, आईजी स्तर के बड़े अफसर शामिल हैं.

यूपी में अपराधियों पर भी नकेल कसी जा रही है. अभी हाल में जानकारी मिली थी कि अपराधियों की 15 अरब से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है. इसके साथ ही 139 अपराधी एनकाउंटर में ढेर हो चुके हैं.

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