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कांवड़ियों के रास्ते में नहीं होंगी मीट की दुकानें, हेलीकॉप्टर-ड्रोन रखेंगे नजर

योगी सरकार ने सावन के महीने में कांवड़ियों के रास्ते में पड़ने वाली मीट और शराब की दुकानें बंद रखने का फरमान जारी किया है. खासकर पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिलों में ये निर्देश जारी किए गए हैं. इतना ही नहीं, हेलीकॉप्टर-ड्रोन के जरिए नजर रखी जाएगी, ताकि सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक न हो.

कांवड़िये (फाइल फोटो) कांवड़िये (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस बार कांवड़ियों की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कई उपाय किए हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने सावन के महत्व और पूजा की सात्विकता को देखते हुए कावड़ के रास्ते में मीट और शराब की दुकानें बंद रखने के आदेश दिए हैं.

हरिद्वार से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जिन-जिन स्थानों और रास्तों से कांवड़ यात्रा गुजरेगी, उन रास्तों पर न तो मीट की दुकानें होंगी और न ही शराब की. इसके अलावा कांवड़ियों के पूरे रास्ते में ड्रोन से नजर रखी जाएगी.

दरअसल कांवड़ियों की सुरक्षा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसलिए बेहद अहम हो जाती है, क्योंकि यह रास्ता अति संवेदनशील क्षेत्रों में आता है. कई बार कांवड़ियों के साथ झड़प और कांवड़ियों का हुड़दंग देखा जाता है. ऐसे में इस बार प्रशासन ने व्यवस्था और चुस्त-दुरुस्त रखने की कोशिश की है.

डीजे बजाने को लेकर हर साल कांवड़ियों और स्थानीय लोगों में ठन जाती है. इस बार डीजे की आवाज़ को लेकर खास मानक तय किए गए हैं, जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन को दी गई है. इससे साफ जाहिर है कि कांवड़िए DJ तो बजा सकते हैं, लेकिन उसकी आवाज तय मानक के अनुसार हो.

प्रशासन ने 11 बिंदुओं में एक गाइडलाइन मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़, बरेली, बिजनौर, मुरादाबाद और हापुड़ तथा अन्य जिलों में भेज दी है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कहा था कि चार नेशनल हाइवे और दो प्रमुख रेल रूटों से गुजरने वाली कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए ड्रोन, हेलिकॉप्टर का विशेष प्रबंध किया जाएगा.

पूरे सावन में यह यात्रा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से गुजरती है. इसमें सबसे ज्यादा कांवड़िए रुड़की, मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली और कैराना होते हुए लोग हरियाणा के पानीपत को जाते हैं. दूसरा रूट रुड़की से सहारनपुर होते हुए है. इन दोनों रास्तों पर लाखों की तादाद में कांवड़िए धार्मिक यात्रा करते हैं. इस दौरान डीजे बजता है, साथ-साथ बोल बम के नारे गूंजते हैं.

यूपी से गुजरने वाली सौ-सौ किलोमीटर के दो रूट बेहद अहम और संवेदनशील हैं. ऐसे में प्रशासन ने अपनी तरफ से तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं.

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