scorecardresearch
 

बिजली की मार झेल रहे उपभोक्ताओं पर सरचार्ज का करंट

बिजली कटौती की मार झेल रहे प्रदेश के 1.40 करोड़ उपभोक्ताओं को फिर महंगी बिजली का झटका लगा है. उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने शुक्रवार को 2.84 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज लगाने को हरी झंडी दे दी.

बिजली कटौती की मार झेल रहे प्रदेश के 1.40 करोड़ उपभोक्ताओं को फिर महंगी बिजली का झटका लगा है. उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने शुक्रवार को 2.84 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज लगाने को हरी झंडी दे दी.

पिछले वित्तीय वर्ष में 3.71 फीसदी की दर से लगाया गया था और इसे चालू वित्तीय वर्ष में भी आयोग की मंजूरी के बाद वसूला जाना था. अब आयोग ने दो वर्षों तक सरचार्ज वसूलने का फैसला किया है. हालांकि अगले वित्तीय वर्ष में बिजली कंपनियों की परफॉर्मेंस के आधार पर इसे तय किया जाएगा.

दरअसल वित्तीय वर्ष 2000-01 से 2007-08 के दौरान टैरिफ ऑर्डर जारी नहीं हो पाने के कारण बिजली कंपनियों का रेवेन्यू गैप बढ़ गया. इसी की भरपाई के लिए कंपनियों ने आयोग से सरचार्ज लगाने की मांग की थी. आयोग ने 2013-14 और 2014-15 में 3.71 फीसदी की दर से रेग्युलेटरी सरचार्ज वसूलने के निर्देश दिए थे. बिजली कंपनियों ने अप्रैल 2013 से मार्च 2014 तक इसकी वसूली भी की.

प्रदेश में चुनाव आचार संहिता के चलते नए वित्तीय वर्ष में सरचार्ज पर पर कोई फैसला नहीं हो सका था. इस कारण उपभोक्ताओं को अप्रैल व मई के बिलों में सरचार्ज नहीं देना पड़ा. शुक्रवार को आयोग ने बचे हुए सरचार्ज को एक वर्ष के बजाय दो वर्षों में वसूलने का निर्णय दे दिया.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें