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'इंडिया टुडे ग्रुप' के 'केयर टुडे' की पहल से लौटी मिर्जापुर के 111 परिवारों की मुस्कान

इंडिया टुडे ग्रुप खबरों के जरिये सच्चाई बताने के साथ ही अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए जरूरतमंदों की मदद भी कर रहा है.

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केयर टुडे फंड से मदद पाने के बाद जरूरतमंदों के खिले चेहरे
केयर टुडे फंड से मदद पाने के बाद जरूरतमंदों के खिले चेहरे
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महिलाओं को दी गई सिलाई मशीन और व्यवसाय के सामान
  • पशुपालन, सिंचाई के लिए भी केयर टुडे फंड से दी गई मदद

कोरोना काल में बड़ी तादाद में लोगों के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया था. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में रोजगार के संकट से जूझ रहे लोगों का हाथ 'इंडिया टुडे ग्रुप' ने थामा और आर्थिक मदद की. 'केयर टुडे' की पहल से मिर्जापुर जिले के 111 परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है. 'केयर टुडे' की पहल पर महिलाओं को सिलाई मशीन के साथ ही चूड़ी, किराने के व्यवसाय के लिए सामान उपलब्ध कराए गए. पशुपालन के लिए भी मदद दी गई है.

मिर्जापुर जिले के देवरी के तीर में दिव्यांग बृजवासी को 'केयर टुडे' की ओर से भैंस दिलाई गई है जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण हो सके. भैंस को दुलारती बृजवासी को उम्मीद है कि इससे उनका रोजगार चलेगा भी और बढ़ेगा भी. बृजवासी ने भैंस का नाम दीबू रखा है. भैंस दिलाने में मददगार लोग जब घर पहुंचे तो बृजवासी के परिजनों ने खुशी से मिठाई खिलाई.

बृजवासी को दी गई भैंस
बृजवासी को दी गई भैंस

इसी प्रकार मवई कलां गांव की इंदू देवी अपने घर पर महिलाओं को सिलाई सिखा रही हैं. इन महिलाओं में राजकुमारी, सीमा, अनीता कुमारी और फातिमा भी हैं. इन महिलाओं को भी 'केयर टुडे' फंड से मदद मिली है. कोरोना की वजह से घर के पुरुषों की आमदनी अनियमित हो गई तो अब महिलाएं सिलाई-कढ़ाई से घर चलाने के लिए आगे आई हैं. इन्हें खुशी है कि सिलाई मशीन मिली है जिससे वो अपने घर की जरूरतें पूरी कर सकती हैं.

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'इंडिया टुडे ग्रुप' के 'केयर टुडे' फंड से सोनी को चूड़ी, बिंदी, पायल, काजल, सिंदूर और शृंगार के सामान उपलब्ध कराए गए हैं. अपने घर के बाहर सामान सजाए बैठी सोनी की इस दुकान पर आस-पास की महिलाएं खरीदारी के लिए पहुंच भी रही हैं. सोनी के पति को कोरोना की वजह से काम नहीं मिला तो वे घर चले आए जिसके बाद उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया. 'केयर टुडे' फंड से उपलब्ध कराए गए सामान से सोनी ने व्यवसाय शुरू कर दिया है और उन्हें उम्मीद है कि नवरात्र में शृंगार का सामान देवी को चढ़ाने के लिए लोग खूब खरीदेंगे भी. उनको ये उम्मीद है कि दुकान अच्छी चलेगी.

महिलाओं को दी गई सिलाई मशीन
महिलाओं को दी गई सिलाई मशीन

ये तो बस कुछ उदाहरण हैं. 'इंडिया टुडे ग्रुप' के 'केयर टुडे' फंड की मदद से कई गांव के परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौटी है. रोजगार के साधन चले जाने पर 'केयर टुडे' ने इन परिवारों का हाथ थामा है. 'इंडिया टुडे ग्रुप' आपको खबरों के जरिये सच्चाई से रुबरू कराता है, साथ ही अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए कोविड काल में प्रभावित परिवारों को CSR फंड से मदद भी दी. 'इंडिया टुडे ग्रुप' ने 'केयर टुडे' फंड के तहत मिर्जापुर के 111 परिवारों को उनकी जरूरत के मुताबिक मदद दी और उम्मीद की किरण दिखाई जिससे उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई है.

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केयर टुडे ने आर्थिक अनुसंधान केंद्र के साथ पहुंचाई मदद

सोमवार को मवई कलां ग्राम पंचायत में 'केयर टुडे' की तरफ से संतोष थॉमस पहुंचे और केयर टुडे के साथ स्थानीय स्तर पर इस प्रोजेक्ट में काम कर रहे आर्थिक अनुसंधान केंद्र (Aak) के निदेशक हरि गोविंद सिंह की टीम की ओर से इन परिवारों को मदद दी गई. 'केयर टुडे' फंड की पहल को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में आर्थिक अनुसंधान केंद्र ने सहयोग किया और 10 महिलाओं को सिलाई मशीन दी गई. इन महिलाओं को 'केयर टुडे' की ओर से प्रशिक्षण भी दिलाया गया है.

30 परिवारों को दिए गए सिंचाई के उपकरण

'केयर टुडे' फंड की ओर से 30 परिवारों को सिंचाई के उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं जिससे वे बिना किसी लागत के उन्नत तरीके से खेती कर सकें. दो परिवारों को डेयरी उद्योग के लिए मदद की गई और इसके लिए इन्हें मवेशी दिए गए. 12 परिवारों को बकरी पालन, 34 परिवारों को मुर्गी पालन के लिए मदद दी गई है. 12 परिवारों को पिग फार्मिंग के लिए तो 11 परिवारों को छोटा व्यवसाय (किराना, चूड़ी व्यवसाय) के लिए भी सारा सामान देकर आर्थिक मदद दी गई.

महिलाओं को दी गई सिलाई मशीन
महिलाओं को दी गई सिलाई मशीन

इस संबंध में 'केयर टुडे' का सहयोग करने वाले आर्थिक अनुसंधान केंद्र के हरि गोविंद सिंह ने बताया कि उन परिवारों को मदद दी गई जो वास्तव में बहुत जरूरतमंद हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. पहले 78 परिवारों को मदद दी जानी थी लेकिन इसका दायरा बढ़ाकर 111 परिवार कर दिया गया जिससे ज्यादा परिवार मदद के दायरे में आ सकें. 

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महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम

'केयर टुडे' ने कोविड के संकटकाल में लोगों की आर्थिक मदद की है और पहले भी राशन मुहैया कराया है. इस मदद में एक खास बात ये है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल की गई है. डेयरी के काम के लिए मदद पाने वाली बृजवासी कहती हैं कि इससे हम अब अपने परिवार के लिए कुछ कर पाएंगे. वहीं, चूड़ी-बिंदी व्यवसाय के लिए मदद पाने वाली सोनी कहती हैं कि अब अपने दोनों बच्चों को पढ़ाएंगे. सिलाई मशीन पाने वाली फातिमा तो और भी ज्यादा खुश हैं. वो कहती हैं कि मेरे पति शहर में दर्जी का ही काम करते थे. अब हम भी घर में बैठकर सूट, ब्लाउज और बच्चों के कपड़े सिलकर चार पैसे कमाएंगे. इन महिलाओं का आत्मविश्वास इनके चेहरे पर दिखाई पड़ता है. राजकुमारी और सीमा भी अब घर पर सिलाई का व्यवसाय करना चाहती हैं.

 

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