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बिकरू केस: खुशी दुबे की जमानत याचिका पर हाई कोर्ट में टली सुनवाई, खुद को बताया था बीमार

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शॉर्प शूटर अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी है. खुशी ने कोर्ट में अपनी खराब सेहत का हवाला दिया था. वह खुद को पूरे प्रकरण में निर्दोष बता रही है.

इलाहाबाद हाई कोर्ट. इलाहाबाद हाई कोर्ट.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जमानत पर रिहा होने की कर रही अपील
  • कोर्ट ने टाल दी है 30 जून तक सुनवाई
  • शूटर अमर दुबे की पत्नी है खुशी दूबे

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सोमवार को बिकरू कांड में जेल में बंद खुशी दुबे की जमानत अर्जी पर सुनवाई टाल दी है. कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 30 जून तय की है. अब खुशी दुबे की जमानत अर्जी पर इसी दिन हाई कोर्ट सुनवाई करेगा. 

बिकरू कांड के बाद पुलिस एनकाउंटर में ढेर शॉर्प शूटर अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे, लंबे अरसे से खुद को बेगुनाह बता रही है. खुशी ने हाई कोर्ट से अपनी खराब सेहत का हवाला भी दिया है. खुशी दुबे की अपील है कि उसे जमानत पर रिहा कर दिया जाए.

हाई कोर्ट में इसी साल जनवरी में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, लेकिन अब तक उस पर कोई फैसला नहीं आया है. खुशी दुबे के पति अमर दुबे को हमीरपुर एनकाउंटर में पुलिस ने ढेर कर दिया था. शादी के महज 9 दिन बाद खुशी दुबे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. जस्टिस विपिन दीक्षित की एकल पीठ इस केस की सुनवाई कर रही है.

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कौन है खुशी दुबे?

खुशी दुबे बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह में बंद है. पुलिस ने अमर दुबे की शादी के ठीक 5वें दिन बिकरू कांड में उसकी पत्नी को आरोपी बना दिया था. अमर दुबे, कुख्यात अपराधी विकास दुबे का दाहिना हाथ था. 29 जून को उसकी शादी खुशी दुबे के साथ हुई थी.

क्या है बिकरू कांड?

कानपुर जिले का बिकरू गांव, उस वक्त चर्चा में आया था जब गैंगस्टर विकास दुबे ने 2 जुलाई 2020 की रात अपने साथियों के साथ मिलकर 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. हत्या के बाद यूपी एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर विकास दुबे और उसके 5 सहयोगियों को अलग-अलग एनकाउंटर में ढेर कर दिया था.

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