उत्तर प्रदेश सरकार ने फ्री राशन के बाद एक और योजना बंद कर दी है. इसका नुकसान गरीब बेटियों को उठाना पड़ेगा. दरअसल, सरकार ने गरीब बेटियों के शादी के लिए मिलने वाले 20 हजार रुपय का अनुदान बंद करने का फैसला किया है. इसके लिए शासन की संस्तुति मिल गई है और समाज कल्याण विभाग से पोर्टल से इसको हटा दिया जाएगा.
जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में गरीब बेटियों की शादी के लिए अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग के निर्धन बेटियों शादी के लिए अनुदान राशि 20 हजार रुपए दी जाती थी, लेकिन अब शासन के आदेश के बाद 18 अगस्त को समाज कल्याण विभाग में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को पोर्टल से इस योजना को हटाने की निर्देश दिए हैं.
हालांकि इस चालू वित्तीय वर्ष में सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति के कुल 776 बेटियों ने आवेदन किया है. आखिरी आवेदन 26 अगस्त को हुआ था. समाज कल्याण विभाग के मंत्री असीम अरुण के मुताबिक, शादी अनुदान योजना बंद किए जा रहे हैं हालांकि सामूहिक विवाह योजना चलती रहेगी, पोर्टल पर इसके आवेदन नहीं किए जा सकेंगे.
इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने फ्री राशन योजना को बंद करने का फैसला किया था. कोरोना काल से अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को फ्री में मिलने वाला राशन बंद कर दिया गया . सूबे के सभी जिलों के जिला पूर्ति अधिकारी की ओर से कोटेदारों को एक लेटर जारी किया गया है, जिसमें फ्री राशन स्कीम बंद करने का ऐलान किया गया था.
उत्तरा प्रदेश अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों के लिए अब फ्री राशन स्कीम बंद कर दिया गया. अब उन्हें पुराने रेट यानी ₹2 और ₹3 प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं और चावल राशन दिया जाएगा. हालांकि जून महीने का आयोडीन नमक, साबुत चना और रिफाइंड तेल फ्री दिया जाएगा जो कि फ्री राशन स्कीम के तहत नहीं बंट पाया था.
आयोडीन नमक, साबुत चना और रिफाइंड तेल को इस महीने बांटा जाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA)और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY)के तहत केंद्र और राज्य की तरफ से फ्री राशन स्कीम चला रही थी. कोरोना काल से शुरू हुई यह स्कीम जून तक जारी थी, जिसे अब बंद करने का फैसला लिया गया है.