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आखिरी बार कैमरे पर रोया पिता, फिर छा गई खामोशी, कर्ज और बेइज्जती के बीच खत्म हुई चार जिंदगियां

वानापर्थी जिले में कर्ज और कथित लोन रिकवरी उत्पीड़न से परेशान एक शख्स ने कथित तौर पर पत्नी और दो बच्चों की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली. घटना से पहले उसने एक सेल्फी वीडियो बनाकर वित्तीय दबाव, बेइज्जती और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए. मामले ने आक्रामक लोन रिकवरी और मानसिक तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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लोन रिकवरी उत्पीड़न से परेशान एक शख्स ने परिवार की हत्या के बाद की खुदकुशी. (Photo: Representational)
लोन रिकवरी उत्पीड़न से परेशान एक शख्स ने परिवार की हत्या के बाद की खुदकुशी. (Photo: Representational)

तेलंगाना के वानापर्थी जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कथित तौर पर कर्ज और लोन रिकवरी के दबाव से परेशान एक शख्स ने अपनी पत्नी और दो बच्चों की हत्या करने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली. इस घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला. यह घटना मंगलवार को खिला घनपुर मंडल के सालकलापुर गांव के पास स्थित एक आम के बाग में सामने आई. पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान नरसिम्हुलु के रूप में हुई है, जो देवरकद्रा मंडल के डोकुर गांव का रहने वाला था. वह अपने परिवार के साथ लीज पर लिए गए आम के बाग में रह रहा था.

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नरसिम्हुलु ने कथित तौर पर पहले अपनी पत्नी एलम्मा, 16 वर्षीय बेटे साई निहाल और 12 वर्षीय बेटी साहिथि की हत्या की. इसके बाद उसने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. चारों के शव आम के बाग के परिसर में मिले, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

लोन के दबाव में टूट गया हंसता-खेलता घर

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात वह सेल्फी वीडियो है, जिसे नरसिम्हुलु ने घटना से पहले रिकॉर्ड किया था. इस वीडियो में उसने कथित तौर पर होम लोन और बढ़ते कर्ज को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उसने कहा कि कर्ज देने वाले लोग उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और बेइज्जत कर रहे थे. वीडियो में नरसिम्हुलु ने दावा किया कि उसने कानूनी मदद लेने की कोशिश की और कर्ज चुकाने के लिए कुछ समय भी मांगा था, लेकिन इसके बावजूद उसे राहत नहीं मिली. उसने आरोप लगाया कि लोन रिकवरी एजेंटों ने उसके घर की दीवारों पर लिख दिया था, घर जब्त कर लिया था और घर में रखे सोने-चांदी के गहने भी ले गए थे.

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उसने वीडियो में वित्तीय संस्थानों और कर्ज देने वालों से अपील करते हुए कहा कि वे उधार लेने वालों की परेशानियों को समझें और उन्हें इस तरह परेशान न करें. वीडियो में वह बेहद भावुक दिखाई दे रहा था. नरसिम्हुलु ने कथित तौर पर कहा कि वह लगातार अपमान और मानसिक दबाव को अब और सहन नहीं कर पा रहा था. उसने कहा कि इसी वजह से वह अपने पूरे परिवार के साथ यह कदम उठा रहा है. वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है. वानापर्थी के डीएसपी गिरी बाबू भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. पुलिस अब हर एंगल से जांच कर रही है. जांच में वित्तीय संकट, कर्ज का दबाव और कथित लोन रिकवरी उत्पीड़न जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है. 

वित्तीय दबाव और मानसिक तनाव की जांच में जुटी पुलिस

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. लोगों का कहना है कि कर्ज वसूली के नाम पर कई बार लोगों पर इतना दबाव बनाया जाता है कि वे मानसिक रूप से टूट जाते हैं. इस घटना ने एक बार फिर आक्रामक लोन रिकवरी प्रथाओं और आर्थिक तनाव से पैदा होने वाली मानसिक परेशानियों को लेकर बहस छेड़ दी है. इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. एक परिवार के खत्म हो जाने की खबर से लोग स्तब्ध हैं. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में नरसिम्हुलु ने इतना बड़ा कदम उठाया. फिलहाल मामले की जांच जारी है.
 

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