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अब योगी आदित्यनाथ का शाहरुख पर हमला, कहा- एक जैसी है हाफिज सईद और उनकी बोली

कैलाश विजयवर्गीय और साध्वी प्राची के बाद बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान पर हमला बोला है. उन्होंने आतंकवादी हाफिज सईद से 'किंग खान' की तुलना करते हुए कहा कि शाहरुख और सईद की भाषा में कोई अंतर नहीं है.

योगी आदित्यनाथ की फाइल फोटो योगी आदित्यनाथ की फाइल फोटो

कैलाश विजयवर्गीय और साध्वी प्राची के बाद बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान पर हमला बोला है. उन्होंने आतंकवादी हाफिज सईद से 'किंग खान' की तुलना करते हुए कहा कि शाहरुख और सईद की भाषा में कोई अंतर नहीं है.

बीजेपी महासचिव विजयवर्गीय के ट्वीट का समर्थन करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, 'हाफिज सईद और शाहरुख खान की भाषा में कोई अंतर नहीं है. शाहरुख को यह नहीं भूलना चाहिए कि अगर देश के बहुसंख्यक उनकी फिल्मों का बायकॉट कर दें तो वह दूसरे मुसलमानों की तरह सड़क पर आ जाएंगे.'

हाफिज सईद की ओर से शाहरुख और भेदभाव के शि‍कार दूसरे मुसलमानों को पाकिस्तान आने के न्योते पर आदित्यनाथ ने कहा कि उनको पाकिस्तान चले जाना चाहिए. गौरतलब है कि हाफिज सईद ने शाहरुख खान के बयान पर विवाद के बाद ट्वीट करके कहा, 'कोई भी मुस्लिम, यहां तक की शाहरुख जो मुस्लिम होने के चलते भारत में दिक्कतें और भेदभाव का सामना कर रहे हैं, उनका पाकिस्तान में रहने के लिए स्वागत है.'

बिहार के बीजेपी सांसद अश्विनी चौबे के लालू और नीतीश को पाकिस्तान भेजने के बयान पर आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग भारत के बहुसंख्यक समाज को बदनाम करने के लिए अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं, उनकी भाषा और पाकिस्तान की भाषा में कोई अंतर नहीं हैं. ऐसे लोगों को वहां जाने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए.

 

नेपाल की स्थिति के लिए वहां का नेतृत्व जिम्मेदार
दूसरी ओर, नेपाल में भारतीय की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाराजगी पर चिंता जताते हुए गोरखपुर से सांसद ने कहा, 'नेपाल की स्थिति बहुत चिंताजनक है. दुर्भाग्य से नेपाल के नेता और वहां की सरकार ही स्थिति को बिगाड़ रही है. वहां की स्थिति खराब करने के लिए वहां का राजनीतिक नेतृत्व पूरी तरह से जिम्मेदार है, जो जाने-अनजाने में उन अंतरराष्ट्रीय साजिशों का शिकार हो रहा है जो भारत और नेपाल के ऐतिहासिक, प्राचीन और सांस्कृतिक संबंध को समाप्त कर रहे हैं.'

आदित्यनाथ ने कहा कि लोग नेपाल को यूरोपियन यूनियन और चीन की मुट्ठी में कैद कर देना चाहते हैं.

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