पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हल्लाबोल जारी है. पुरुलिया में जनसभा को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि मैं सभी से निवेदन करना चाहूंगी कि बिना किसी गलती के वोटर लिस्ट में अपना नाम जोड़वा लें. केवल यह काम कर लीजिए. हम एक भी आदमी को निकलने नहीं देंगे, यह हमारा वादा है.
West BengaI CM Mamata Banerjee: I would like to request everyone to ensure that your names are there in voters list without any error. Just do this much. Hum ek bhi aadmi ko nikalne nahi denge, yeh humara wada hai. pic.twitter.com/NZRtXOAFtG
— ANI (@ANI) December 30, 2019
पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ तीखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. छात्र अपना विरोध जताने के लिए बड़ी संख्या में शहर के बीच एकत्रित हो रहे हैं. प्रमुख राजनीतिक दल तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और वाम दलों ने भी कोलकाता व अन्य जिलों में सभाएं की और जुलूस निकाले. विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र अलग-अलग बैनर पकड़े और तिरंगा लेकर मध्य कोलकाता के रामलीला मैदान में इकट्ठे हुए. कई लोगों की कमीज पर लिखा था, 'नो सीएए', 'नो एनआरसी'.
बता दें कि ममता बनर्जी नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और एनआरसी के खिलाफ मध्य कोलकाता इलाके से चले एक लंबे जुलूस का नेतृत्व कर चुकी हैं. 16 दिसंबर को जुलूस में हजारों लोगों ने भाग लिया था. ममता ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की गतिविधि और नए नागरिकता कानून (सीएए) के राज्य में क्रियान्वयन को अनुमति नहीं देने को लेकर लोगों को संकल्प दिलाया.
रैली से पहले बी.आर.आंबेडकर की प्रतिमा को माला पहनाने के बाद संकल्प लेते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि किसी को बंगाल नहीं छोड़ना होगा और सभी धर्मों के लोगों के बीच शांति व सौहार्द बनाने का उन्होंने आह्वान किया.
संकल्प में कहा गया, "हम सभी नागरिक हैं. हमारा आदर्श सभी धर्मों में सौहार्द है. हम किसी को बंगाल नहीं छोड़ने देंगे. हम शांति के साथ व चिंता मुक्त होकर रहेंगे. हम बंगाल में एनआरसी और सीएए को अनुमति नहीं देंगे. हमें शांति बनाए रखना है." ममता ने कहा कि तृणमूल की रैली में सभी का स्वागत है. उन्होंने कहा कि देश जब संकट से गुजर रखा है तो हर किसी को साथ लेकर चलना होता है.