3000 करोड़ रुपये से ज्यादा बैंक लोन घोटाले के मामले में फंसे रोटोमैक पेन कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी और उनके बेटे राहुल कोठारी को शनिवार को लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत ने 11 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया.
कोठारी को सीबीआई एक दिन की ट्रॉजिट रिमांड पर दिल्ली से लेकर लखनऊ आई थी. लखनऊ लाने के बाद कोठारी को अदालत में पेश किया गया, जहां सीबीआई ने चौदह दिन की कस्टडी की मांग की, जिसका बचाव पक्ष के वकीलों ने विरोध किया.
सीबीआई ने कहा कि विक्रम कोठारी ने उत्तर प्रदेश और बाहर के राज्यों में कई जगह ऐसी प्रॉपर्टीज खरीदी है, जो कि लोन के पैसों से खरीदी गई है. साथ ही जिन जमीनों के आधार पर कोठारी ने तमाम लोन लिए हैं, उनका वेरिफिकेशन करने के लिए सीबीआई को विक्रम कोठारी के साथ जाना है. लिहाजा ज्यादा वक्त की जरूरत है.
मगर बचाव पक्ष के वकीलों का कहना था कि सीबीआी पहले ही सबूत के तौर पर तमाम दस्तावेज जब्त कर चुकी है और लोन से संबंधित कागजों की भी पड़ताल कर चुकी है. जिस पर अदालत ने रिमांड का वक्त कम करते हुए 11 दिन के लिए कोठारी और उनके बेटे को रिमंड पर भेज दिया.
कस्टडी के दौरान कोठारी से तमाम बैंको के मैनेजर्स और अधिकारियों के सामने भी भी पूछताछ की जाएगी जिन्होंने उन्हें ऋण देने में भूमिका निभाई है.
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इस पूछताछ के बाद कई बैंक अधिकारियों की भी गिरफ्तारी तय है.
इससे पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को दोनों रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कानपुर (यूपी) के निदेशक हैं.
कोठारी बाप-बेटे पर 7 बैंकों के कर्न्सोटियम के साथ धोखाधड़ी करने का केस चल रहा है. बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से शिकायत के बाद यह केस दर्ज कराया गया था. दोनों को 4 दिन तक पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था.
घोटाले की बात सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रोटोमैक पेन के मालिक विक्रम कोठारी और उसके परिवार के देश छोड़ने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए. फिर ईडी ने कोठारी और उसके परिजनों के जमीन, समुद्र और हवाई मार्ग से भारत छोड़ने पर रोक लगा दी थी.
क्या है मामला
कोठारी परिवार पर 3,695 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग की की जांच चल रही है. जांच एजेंसी ने इस मामले में सबूत जुटाने के लिए उन्नाव और कानपुर समेत उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापे भी मारे. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि कोठारी ने बैंक लोन की राशि का इस्तेमाल मनमाने तरीके से किया है.
कोठारी के 14 खाते सीज
3,695 करोड़ रुपये के इस बैंकिंग फ्रॉड में मूलधन की रकम 2,919 करोड़ रुपये है. बताया जा रहा है कि ईडी जल्द ही विक्रम कोठारी की संपत्तियों को सीज करने का काम शुरू कर देगी. इसी बीच आयकर विभाग ने रोटैमैक पेन के मालिकों के 14 खाते सीज कर दिए हैं. आयकर विभाग टैक्स देनदारी के मामलों की जांच कर रहा है.