कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'ईश्वर का दिया तोहफा' बताने वाले केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू को चापलूस कहा है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने नायडू की बातों को चापलूसी की हद करार देते हुए कहा कि कभी देवकांत बरुआ ने 'इंडिया इज इंदिरा एंड इंदिरा इज इंडिया' कहा था. इसके लिए बरुआ को फटकार लगी थी.
राजनीतिक चापलूसी के उदाहरण बने थे बरुआ
सिंघवी ने कहा कि जब बरुआ ने प्रतीकात्मक रूप में 'इंदिरा ही इंडिया हैं और इंडिया ही इंदिरा है' कहा था, तब उन्हें फटकारा गया था. अब नायडू ने भक्ति में मोदी को भगवान का गिफ्ट करार
दिया है. क्या यह बरुआ से अलग है?' इस मामले में सिंघवी ने नायडू पर जमकर हमला बोला. बरुआ 70 के दशक में इमर्जेंसी के वक्त थे. वह मुख्य रूप से इंदिरा गांधी की इसी चापलूसी के लिए याद किए जाते हैं. सिंघवी ने कहा कि मोदी कैबिनेट तमिलनाडु की मुख्यमंत्री से अलग नहीं है. वहां के मंत्री साष्टांग प्रणाम करते देखे जाते हैं.
और वाले अब ईश्वर की पूजा छोड़कर जी की पूजा करेंगे क्योंकि के विचार से वो ईश्वरीय वरदान हैं |
— Abhishek Singhvi (@DrAMSinghvi)
गुजरात दंगों में मरे लोगों के परिजनों से पूछो सच
पार्टी के दूसरे प्रवक्ता संजय झा ने काटाक्ष करते हुए 2002 के गुजरात दंगों को याद किया. तब मोदी वहां के मुख्यमंत्री थे. झा ने पूछा, 'सच में वह हैं! जाकर एहसान जाफरी के परिवार वालों से पूछना चाहिए और उन हजारों लोगों से जिनकी निर्दयता पूर्वक हत्या कर दी गई. उन परिवारों और उनके बच्चों से इस तोहफे के बारे में पूछना चाहिए.' झा ने ट्वीट कर कहा, 'दादरी और झारखंड की घटना नरेंद्र मोदी के शासन में भारत की गिरती छवि के सबूत हैं. है.'
God's gift indeed ! Go ask the family of Ehsan Jafri and over a thousand mercilessly killed, and their families and children.
— Sanjay Jha (@JhaSanjay)
बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नायडू ने दिया था बयान
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा अगर मोदी भगवान का दिया गिफ्ट हैं तो भगवान ने यह गिफ्ट कुलीन वर्गों को दिया है. रविवार को बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक खत्म होने के बाद करते हुए कहा था कि ईश्वर ने भारत को मोदी के रूप में एक तोहफा दिया है. वह गरीबों के मसीहा हैं.