उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट तलब कर ली है. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि पीड़िता की मेडिकल हालत कैसी है? क्या हम उसे मूव करा सकते हैं? अगर मूव कर सकते हैं तो उसे एयरलिफ्ट करके दिल्ली के एम्स में एडमिट कीजिए.
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के सवालों का जवाब देते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि पीड़िता वेंटिलेटर पर है. फिलहाल हम किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स से पता करेंगे कि उसकी हालत कैसी है. इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने 2 बजे तक मेडिकल रिपोर्ट तलब कर ली.
हादसे के बाद से ही पीड़िता किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में भर्ती है, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुुई है. पीड़िता के वकील की भी हालत स्थिर बनी हुई है.
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, 'हम 2 बजे तक वापस आएंगे और इस मामले से जुड़े हुए मामलों को ट्रांसफर करने का आदेश देंगे. साथ ही पीड़िता और वकील के स्वास्थ पर भी रिपोर्ट चेक करेंगे. डॉक्टर सही मामलों जज होते हैं, वे ही डिसाइड करेंगे क्या पीड़िता और उनके वकील को क्या एयरलिफ्ट कराया जाए या नहीं.'
इससे पहले उपलब्ध पीड़िता के स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक उन्नाव रेप केस की पीड़िता और उसके वकील की हालत नाजुक बनी हुई है. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की ओर से गुरुवार दोपहर 11 बजे जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, पीड़िता और उनके वकील की हालत नाजुक बनी है. दोनों वेंटिलेटर पर रखे गए हैं. खास बात है कि दोनों की सेहत में कोई सुधार नहीं हो रहा है.