केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने विपक्षी एकता पर जमकर प्रहार किया है. साथ ही उन्होंने बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या पर भी ममता बनर्जी सरकार को आड़े हाथों लिया. स्मृति ने गुजरात के अहमदाबाद में शनिवार को कहा कि अगर रणनीति बनी है तो उसकी सार्वजनिक चर्चा नहीं होगी, लेकिन ये भी कहना उचित होगा कि विपक्षी पार्टियों को अपना वजूद बचाए रखने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है और एक होना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा, 'भारत की जनता के लिए विपक्ष ये भी संकेत दे रहा है कि उनमें अब इतना दमखम नहीं है कि वो अकेले ही अपनी विचारधारा, पॉलिसी या नेतृत्व के बल पर हिंदुस्तान का दिल जीत सके. तो कहीं न कहीं विपक्ष का एक होना मोदी की पॉपुलैरिटी का सबसे बड़ा संकेत और उदाहरण है. साथ ही यह संकेत भी है कि विपक्ष में अकेले लड़ने का दम नहीं है.'
बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या पर स्मृति ने कहा कि राज्य सरकार पर चुप्पी साधे बैठी है. अब तक सामने आकर किसी ने कुछ नहीं बोला है. सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ताओं की ओर से आक्रोश व्यक्त हो रहा है.
उन्होंने कहा, 'मैं आज देश के हर उस नागरिक से कहना चाहती हूं कि बंगाल की उस दशा की ओर देखे कि वहां सिर्फ चुनाव में ही लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास नहीं होता, बल्कि कैसे भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर उनकी हत्या की जा रही है.'
उन्होंने आगे कहा, 'ये हत्याएं मात्र इसलिए हो रही हैं क्योंकि वो विकास की गाथा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. इसलिए क्योंकि वो देश को पहले रखना चाहते हैं. उनका दोष सिर्फ ये है कि वो राष्ट्रवाद के हित में हैं. उनका दोष सिर्फ ये है कि वो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं.'
स्मृति ईरानी ने कहा कि आज अगर राज्य की जनता को बेहतर कानून-व्यवस्था देने में, निशाना बनाकर की जा रही हत्याओं में पीड़ित परिवार को न्याय देने में विफल है तो ये न सिर्फ भाजपा कार्यकर्ताओं के आक्रोश का विषय है बल्कि पूरे देश के लिए एक चिंतन का विषय हो सकता है.