योग के बाद अब कुंभ मेले ने संयुक्त राष्ट्र का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. यूनेस्को (UNESCO) ने भारत के लगने वाले हिंदुओं के इस पवित्र मेले को ग्लोबल इनटैन्जिबल कल्चरल हेरिटेज लिस्ट में जगह दी गई है.
Kumbh Mela just inscribed on the Representative List of the Intangible Cultural Heritage of Humanity. Congratulations, #India #IntangibleHeritage #12COM
ℹ️ https://t.co/Vt9a4zn4rl pic.twitter.com/fwIxbHmAg3
— UNESCO (@UNESCO) December 7, 2017
गुरुवार को यूनेस्को ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. दुनिया के सबसे बड़े इस धार्मिक मेले का आयोजन हरिद्वार और इलाहाबाद में गंगा नदी के किनारे, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे और नासिक में गोदावरी नदी के किनारे में आयोजित किया जाता है.
इसका आयोजन प्रत्येक 12 साल में होता है यानी कुंभ मेला तीन-तीन साल के अंतराल से चारों स्थानों पर क्रमवार लगता है. इसमें करोड़ों की संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं.
यूनेस्को के अधीनस्थ संगठन इंटरगर्वनमेंटल कमिटी फोर द सेफगार्डिंग ऑफ इन्टेंजिबल कल्चरल हेरीटेज ने दक्षिण कोरिया के जेजू में हुए अपने 12वें सत्र में कुंभ मेले को 'मावनता के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की प्रतिनिधि सूची' में शामिल किया. चार दिसंबर से शुरू हुआ यह सत्र नौ दिसंबर तक चलेगा.
कुंभ मेला को ग्लोबल इनटैन्जिबल कल्चरल हेरिटेज की सूची में शामिल किए जाने पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने खुशी जाहिर की है.
A very proud moment for us as sacred #KumbhMela is just inscribed as the Intangible Cultural Heritage of Humanity by @UNESCO
Kumbh Mela is considered to be the largest peaceful congregation of pilgrims on earth, attended by millions irrespective of caste, creed or gender. pic.twitter.com/8Lq6z4vKyf
— Dr. Mahesh Sharma (@dr_maheshsharma) December 7, 2017
उन्होंने ट्वीट किया, ''हमारे लिए बेहद गौरव का पल है कि यूनेस्को ने कुंभ मेला को मानवता के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के तौर पर जगह दी है. कुंभ मेला को धरती पर श्रद्धालुओं का सबसे बड़ा शांतिपूर्ण जमघट माना जाता है, जिसमें जाति, पंथ या लिंग के भेदभाव के बिना लाखों की संख्या में लोग हिस्सा लेते हैं.''