कुवैत सिटी की एक शिया मस्जिद में आईएसआईएस के आत्मघाती हमले में मारे गए 26 लोगों में दो भारतीय हैं. भारतीय दूतावास ने यह जानकारी देते हुए कुवैत में रहने वाले भारतीयों को अपनी सुरक्षा के प्रति एहतियात बरतने को कहा है.
दूतावास ने एक बयान में कहा, ‘दूतावास को यह सूचित करते हुए दुख हो रहा है कि 26 जून को कुवैत के इमाम सादिक मारे गए लोगों में दो भारतीय हैं.’ भारतीय नागरिक रिजवान हुसैन (31) और इब्ने अब्बास (25) उस वक्त मारे गए जब वह नमाज पढ़ रहे थे.
यूपी के रहने वाले थे दोनों मृतक
हुसैन उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले का रहने वाला है और वह था जबकि अब्बास उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में जलालपुर का रहने वाला था और पेशे से चालक था. सूत्रों ने बताया कि उनके परिजनों की ख्वाहिश के मुताबिक, उनके शवों को इराक के पवित्र शहर नजफ में दफनाया जाएगा.
अमीरी हॉस्पिटल में भर्ती घायल भारतीयों को देखने कुवैत में भारतीय राजदूत सुनील जैन गए. उनमें कुछ को छुटटी दे दी गई है जबकि शेष की हालत स्थिर है. शुक्रवार को हुए 26 लोग मारे गए जबकि 227 घायल हुए.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमले की निंदा करते हुए इसे ‘कायराना ’ हमला बताया. उन्होंने कहा कि मानवता का विकास शांति और भाईचारे में निहित है न कि नफरत और हिंसा में.
- इनपुट भाषा