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आतंकवाद और मानवीय मुद्दे शामिल होंगे कृष्णा के एजेंडे में

भारत पाकिस्तान संबंधों में विश्वास की कमी को दूर करने के प्रयास के तहत विदेश मंत्री एस एम कृष्णा बुधवार को इस्लामाबाद की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं. कृष्णा के एजेंडा में पाकिस्तान की धरती से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों के अलावा मानवीय मुद्दों के भी शामिल होने की संभावना है.

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भारत पाकिस्तान संबंधों में विश्वास की कमी को दूर करने के प्रयास के तहत विदेश मंत्री एस एम कृष्णा बुधवार को इस्लामाबाद की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं. कृष्णा के एजेंडा में पाकिस्तान की धरती से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों के अलावा मानवीय मुद्दों के भी शामिल होने की संभावना है.

कृष्णा अपने पाकिस्तानी समकक्ष शाह महमूद कुरैशी के साथ बाचतीत करेंगे. उनकी बातचीत में कैदियों की अदला बदली, दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क, द्विपक्षीय व्यापार जैसे मुद्दों के शामिल होने की संभावना है. लेकिन भारत के नजरिए से आतंकवाद प्रमुख मुद्दा होगा. कृष्णा की यात्रा कश्मीर घाटी में हिंसा की पृष्ठभूमि में हो रही है. इस हिंसा में नियंत्रण रेखा के पार के तत्वों की संलिप्ता के बारे में संकेत दिए गए हैं.

मुंबई आतंकी हमलों में वांछित हाफिज सईद जैसे जेहादी गुटों के नेताओं की भारत विरोधी टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की जाती रही है. गुरूवार को दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत में निश्चित रूप से इस बारे में पाकिस्तान को अवगत कराया जाएगा. दोनों देशों के प्रधानमंत्री अप्रैल महीने में थिम्पू में मिले थे.

उन्होंने विदेश मंत्रियों को आपसी विश्वास में कमी को दूर करने तथा द्विपक्षीय संबंधों में विश्वास बहाली का जिम्मा सौंपा है ताकि परस्पर चिंता वाले मुद्दों पर सार्थक बातचीत हो सके. भारतीय प्रतिनिधिमंडल खुले दिमाग से इस्लामाबाद जाएगा और ऐसे क्षेत्रों की तलाश करेगा जिनमें दोनों पक्ष सहमत हो सकते हैं और मतभेदों को दूर कर सकते हैं.

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भारत मुंबई आतंकी हमलों के आरोपियों सहित विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी और विश्वसनीय कार्रवाई किए जाने की उम्मीद करता है. गृह मंत्री पी चिदंबरम पिछले महीने पाकिस्तान गए थे. उन्होंने पाकिस्तानी नेतृत्व को भारतीय उम्मीदों से अवगत करा दिया है. उन्होंने वहां मुंबई आतंकी हमलों के मामलों की त्वरित सुनवाई पर भी जोर दिया है. इस बातचीत को समग्र बातचीत नहीं बताया गया है लेकिन भारत द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े किसी मुद्दे पर विचार विमर्श करने को तैयार है. दोनों विदेश मंत्रियों के बीच की बातचीत में अफगानिस्तान भी महत्चपूर्ण मुद्दा हो सकता है.

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