कांग्रेस के पूर्व नेता शकील अहमद ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है. अहमद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल को बहुत ही असुरक्षित नेता बताया है.
शकील अहमद ने कहा कि राहुल गांधी एक डरपोक और इनसिक्योर नेता हैं, जो पार्टी में सिर्फ उन्हीं युवा नेताओं को आगे बढ़ा रहे हैं, जो उनकी तारीफों के पुल बांधते हैं और जिनके पास कोई जमीनी समझ नहीं है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद कांग्रेस के महासचिव पद पर भी रह चुके हैं. उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. वे बिहार से तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं.
अहमद ने कहा कि राहुल गांधी ऐसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में असहज महसूस करते हैं, जिनकी समाज में पहचान और जनाधार है. इसी वजह से वे उन लोगों को तरजीह देते हैं, जिनका अपना कोई राजनीतिक आधार नहीं है. उन्होंने राहुल गांधी को तानाशाही प्रवृत्ति का और गैर लोकतांत्रिक नेता बताते हुए कहा कि वे कांग्रेस के वरिष्ठ साथियों की बात नहीं सुनते और यह मानकर चलते हैं कि पार्टी अपनी राष्ट्रीय मौजूदगी के चलते कभी दूसरे नंबर से नीचे नहीं जा सकती.
अहमद ने यह भी याद दिलाया कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए अमेठी सीट हार गए थे. उनका कहना था कि राहुल गांधी अपने पूर्वजों और परिवार द्वारा दशकों तक संवारी गई सीट भी अपने रवैये की वजह से नहीं बचा पाए.
उन्होंने कहा कि जहां सोनिया गांधी ने राजीव गांधी की कांग्रेस और नरसिम्हा राव और सीताराम केसरी की कांग्रेस को पूरी तरह अपने नियंत्रण में कर लिया था, वहीं राहुल गांधी, सोनिया गांधी की कांग्रेस को भी अपनी नहीं बना सके.
अहमद ने कहा कि राहुल गांधी एक डरपोक और असुरक्षित शख्स हैं. वे किसी ऐसे व्यक्ति के सामने बॉस वाला एहसास नहीं कर पाते, जो उनसे वरिष्ठ हो या जिसका बड़ा जनसमर्थन हो. ऐसे लोगों से वे असहज हो जाते हैं और इसी वजह से उनका व्यवहार तानाशाही और अलोकतांत्रिक हो जाता है.
शकील अहमद के बयान पर क्या बोली बीजेपी?
वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि उन्हें बिहार में एसआईआर के दौरान ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला, जिसने यह दावा किया हो कि उसका नाम मतदाता सूची से हटाया गया है. अहमद के इस बयान पर बीजेपी ने कहा कि राहुल गांधी की असलियत सामने आ गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि शकील अहमद ने राहुल गांधी को बेनकाब कर दिया है. राहुल गांधी खुद को सबसे सहिष्णु और लोकतांत्रिक नेता के तौर पर पेश करते हैं, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है.
पूनावाला ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, इंदिरा गांधी की तरह आपातकालीन मानसिकता रखते हैं और सबसे ज्यादा तानाशाही रवैया उन्हीं का है. बिहार में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर शकील अहमद के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे चुनाव में हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने के लिए वोट चोरी जैसे बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं.