राजस्थानी लेखक विजयदान देथा का रविवार को जोधपुर के बोरूंदा गांव में निधन हो गया. हृदयगति रुकने की वजह से देथा की मृत्यु हुई. देथा की उम्र 87 वर्ष थी.
बच्चों जैसी निश्छलता और हास्य बोध से भरे शख्स थे राजस्थान के प्रसिद्घ लेखक विजयदान देथा. जोधपुर से तकरीबन 100 किमी दूर एक कस्बेनुमा छोटे-से गांव बोरूंदा में उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी गुजार दी. उन्हें लोग प्यार से बिज्जी कहते थे.
चार साल की उम्र में पिता को खो देने वाले बिज्जी ने न कभी अपना गांव छोड़ा, न अपनी भाषा. ताउम्र राजस्थानी में लिखते रहे और लिखने के सिवा कोई और काम नहीं किया. दो जोड़ी कपड़ों में संतोषी जीवन जिया.
राजस्थान के गांवों में घर-घर में लोग बिज्जी की कहानियां सुनते-सुनाते हैं. राजस्थान की लोककथाओं को मौजूदा समाज, राजनीति और बदलाव के औजारों से लैस कर उन्होंने कथाओं की ऐसी फुलवारी रची है कि जिसकी सुगंध दूर-दूर तक महसूस की जा सकती है.