कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु में तंजानिया की स्टूडेंट के साथ बदसलूकी का मामला गरमाता जा रहा है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी और कहा कि कांग्रेस पार्टी इस घटना की निंदा करती है.
Strongly condemn Incident with the Tanzanian Lady in Bangalore. Police must act strongly against the culprits.
— digvijaya singh (@digvijaya_28)
Rahul Gandhi asks Karnataka Govt to explain and send report immediately.
— digvijaya singh (@digvijaya_28)
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले में कर्नाटक के डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है.
सुषमा स्वराज मामले पर दुखी
बेंगलुरू में भीड़ द्वारा के मामले को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी शर्मनाक करार दिया.
Attack on African students in Bengaluru - I have asked for immediate report from the Government of Karnataka.
— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj)
पांच लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने क्रिमिनल केस दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल, यह घटना बंगलुरु में रविवार को हुई जब कुछ लोग एक विदेशी छात्रा की कार के नीचे आने से एक महिला की मौत को लेकर नाराज थे. उन्होंने पहले कार चला रहे एक दूसरे विदेशी छात्र की पिटाई की और उसकी कार को आग लगा दी. इस दौरान उन्होंने वहां से गुजरने वाली तंजानिया की छात्रा से बदसलूकी की और उसके कपड़े फाड़ दिए गए.
शक के आधार पर उत्पीड़न
बेंगलुरु में स्थानीय लोगों ने फिर उसके कपड़े उतरवा दिए. तंजानिया से आई 21 साल की स्टूडेंट को कई लोगों ने सिर्फ शक के आधार पर उत्पीड़ित किया. लोगों को शक था कि वह स्टूडेंट दूसरे अफ्रीकी के अपराधों में शामिल थी. उस मामले में एक महिला की मौत हो गई थी.
सड़क हादसे के बाद गुस्से में थे लोग
हेसारघट्टा रोड पर शनिवार रात एक सुडानीज की कार से 35 साल की को टक्कर लग गई थी. मौके पर ही महिला की मौत हो गई थी. तंजानिया की स्टूडेंट हादसे के आधे घंटे बाद उस जगह पहुंची थी. आरोप के मुताबिक स्थानीय लोगों ने उसे ही कार से बाहर खींच लिया पीटना शुरू कर दिया. पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसके लिए गए और उसी हालत में उससे परेड करवाई गई.
पीड़ित ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया है कि जब वह मारपीट से भागकर एक बस में चढ़ने की कोशिश कर रही थी तो कुछ लोगों ने उसे बस से बाहर धक्का दे दिया. इस वजह से भीड़ को उसपर दोबारा करने का मौका मिल गया. अफ्रीकन स्टूडेंट्स यूनियन, बेंगलुरु के कानूनी सलाहकार बॉस्को कावीसी ने कहा कि पीड़ित के साथ बहुत ही बुरा बर्ताव किया गया. इसके पहले स्थानीय लोगों ने अफ्रीकन लोगों की दो कार में लगा दी थी. दोनों कार मालिक भी उसी हेसरघट्टा रोड पर ही गणपतिनगर में रहकर पढ़ाई करते हैं.