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कुंभ से पहले संगम किनारे दिखने लगे राम मंदिर की मांग वाले पोस्टर

Vishwa hindu parishad (VHP) की ओर से प्रयागराज में बुलाई गई धर्म संसद में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर चर्चा हो सकती है. केंद्र में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आए 4 साल 7 महीने के दौरान राम मंदिर निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से प्रयागराज में साधु संतों ने बीजेपी के खिलाफ अपनी नाराजगी सरेआम जाहिर की है.

प्रयागराज में राम मंदिर की मांग वाला पोस्टर (फोटो-आशुतोष) प्रयागराज में राम मंदिर की मांग वाला पोस्टर (फोटो-आशुतोष)

तीर्थनगरी प्रयागराज में शुरू होने जा रहे कुंभ महापर्व की शुरुआत से पहले ही गंगा और यमुना के किनारे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग करने वाले पोस्टर दिखाई पड़ रहे हैं. कुंभ की शुरुआत होने के बाद 31 जनवरी को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) द्वारा प्रयागराज में ही धर्म संसद बुलाई गई है.

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की ओर से प्रयागराज में बुलाई गई धर्म संसद में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर चर्चा हो सकती है. केंद्र में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आए 4 साल 7 महीने के दौरान राम मंदिर निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से प्रयागराज में साधु संतों ने बीजेपी के खिलाफ अपनी नाराजगी सरेआम जाहिर की है.

संतों ने यहां तक कह दिया कि अगर 2019 में मंदिर नहीं तो 2019 में मोदी भी नहीं. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में दिए गए इंटरव्यू में अध्यादेश लाए जाने से इंकार किए जाने के बाद संत समाज ने भी मोदी सरकार से नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री का विरोध किया.

प्रयागराज में संगम किनारे राम मंदिर निर्माण को लेकर बड़ी संख्या में पोस्टर दिखाई पड़ रहे हैं. महंत नरेंद्र आचार्य की ओर से लगाए गए इन पोस्टरों में अलग-अलग नारे लिखे गए हैं, जिसमें राम मंदिर निर्माण के लिए गुहार लगाई जा रही है. यह माना जा रहा है कि इस बार कुंभ मेले में राम मंदिर का मसला हावी रहेगा और साथ ही 2019 के चुनावों की एक भूमिका भी इसी कुंभ मेले के जरिए रची जाएगी.

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