वन रैंक-वन पेंशन पर सरकार के ऐलान पर जहां एक ओर सैनिकों की ना-नुकुर जारी है, वहीं पूर्व जनरल और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि ओआरओपी मामले में हाथी निकल गया और पूंछ बाकी रह गई है. जल्द ही सब ठीक हो जाएगा.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र की सरकार ने सैनिकों की को पूरा करने का काम किया है. उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि हाथी निकल गया, पूंछ रह गई है. जो थोड़ी बहुत अड़चन है वो दूर हो जाएगी.'
वीके सिंह ने कहा कि सेना में वीआरएस जैसी कोई चीज नहीं होती. जो सैनिक अपनी पेंशन पूरी होने से पहले चले जाते हैं उनको इसका फायदा नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा, 'मुझे भरोसा है कि रक्षा मंत्रालय इसको ठीक करेगा.' मंत्री ने कांग्रेस पर वार करते हुए कहा कि जिस पार्टी ने 40 साल से ओआरओपी में कुछ नहीं किया उसे इस मामले में बोलने का कोई हक नहीं है.
सरकार पर धोखा देने का आरोप
दूसरी ओर, सरकार के से नाराज पूर्व सैनिकों का धरना प्रदर्शन रविवार को भी जारी है. दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर सैनिक अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों का कहना है कि OROP स्वैच्छिक रिटायरमेंट लेने वाले फौजियों के लिए भी लागू होना चाहिए. सरकार ने उन्हें इसके दायरे से बाहर रखा है.
पूर्व सैनिकों ने सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाया है.
Bohot dhokha kiya hamare saath, pehley kuch aur bola tha aur ab kuch aur kar diya: Skattar Singh Dhariwal
— ANI (@ANI_news)
We are upset with this, we will further intensify our agitation: Skattar Singh Dhariwal, Ex servicemen
— ANI (@ANI_news)
Ex Servicemen protest continues at Jantar Mantar, Delhi
— ANI (@ANI_news)
गौरतलब है कि इससे पहले पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधियों ने शनिवार शाम रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से बात भी की. इस दौरान केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे. चर्चा के बाद मेजर जनरल सतबीर सिंह ने कहा कि वे सिर्फ एक मुद्दे पर स्पष्टीकरण के लिए आए थे. वीआरएस और प्री-मैच्योर रिटायरमेंट पर पर्रिकर से बात हुई है. वह प्रधानमंत्री मोदी से बातकर स्पष्टीकरण देंगे.