एशियन वेंच पावर लिफ्टिंग में रजत पदक जीत कर लौटने वाली निधि सिंह पटेल चंदा के पैसे से प्रतियोगिता में भाग लेने मनीला गई थीं. फिलीपींस के मनीला में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए निधि के पिता ने चंदा इकट्ठा किया था ताकि वह प्रतियोगिता में भाग ले सके. मिर्जापुर की रहने वाली निधि ने तमाम अभावों के बावजूद यह पद हासिल करने में कामयाब हुई है.
निधि सिंह पटेल उत्तर प्रदेश की पहली लड़की थी जिसे अमेरिका में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पॉवर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लेने का गौरव मिला था लेकिन पैसे की कमी के कारण वह उसमें भाग लेने नहीं जा सकी. अथक परिश्रम और लगन से आर्थिक तंगी को दरकिनार कर चक्की के पाट और पत्थर लटका कर निधि इस लायक बनी थी कि वो अंतर्राष्ट्रीय पॉवर लिफ्टिंग में हिस्सा ले सके. सिर्फ डेढ़ लाख रुपये ना होने की वजह से सलेक्शन हो जाने के बावज़ूद निधि अंतर्राष्ट्रीय पॉवर लिफ्टिंग में हिस्सा नहीं ले सकी.
आर्थिक परेशानी के कारण निधि जैसी कई प्रतिभाएं देश में असमय दम तोड़ रही है. हर खिलाड़ी के पिता अभिनव बिंद्रा की तरह सक्षम नहीं हैं कि जो अपने खर्च पर सारी व्यवस्थाएं कर सकें. क्या भारत सरकार या राज्य सरकार एवं खेल मंत्रालयों की इन खिलाड़ियों के प्रति कोई ज़िम्मेदारी नहीं है?