श्रीलंका में हुए अब तक के सबसे विध्वंसक सीरियल ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या 290 पहुंच गई है. रविवार को ईस्टर के मौके पर चर्च और होटलों समेत कुल 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे. हमले में 450 से अधिक लोग घायल हुए हैं. इसमें कई की हालत गंभीर है. सीरियल ब्लास्ट की जांच कर रही श्रीलंकाई पुलिस अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इधर सोमवार सुबह कोलंबो एयरपोर्ट के पास एक और बम बरामद हुआ है. इसे सुरक्षाबलों ने समय रहते डिफ्यूज कर दिया. हमले में 4 भारतीयों की भी मौत हुई है. रविवार रात तक मृतकों की संख्या 215 थी.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दो सीटों से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं और इन दोनों ही जगह उनके नामांकन पर विवाद हो गया है. उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट पर राहुल गांधी के नामांकन पर आपत्ति होने के बाद स्क्रूटनी टाल दी गई थी, जो आज फिर से की जाएगी. वहीं, केरल की वायनाड सीट पर भी राहुल के पास दो पासपोर्ट होने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की गई है. इन दोनों घटनाओं ने राहुल के नामांकन पर बड़ा विवाद पैदा कर दिया है.
वर्ल्ड कप से पहले महेंद्र सिंह धोनी ने अपने बल्ले का मुंह खोल दिया है. रविवार रात बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में 37 साल के धोनी का खेल देख हर कोई 'वाह-वाह' कर उठा. उन्होंने आखिरी ओवर में उमेश यादव की गेंदों पर इतने ताबड़तोड़ प्रहार किए कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का यह तेज गेंदबाज बीती रात सो नहीं सका होगा.
दिल्ली पुलिस ने नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की पत्नी अपूर्वा और दो घरेलू नौकरों को रविवार को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया. सूत्रों ने बताया कि पुलिस रोहित तिवारी की हत्या के मामले में अपूर्वा को मुख्य संदिग्ध मान रही है. दिल्ली पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद रोहित तिवारी की हत्या के मामले में गुरुवार को मामला दर्ज किया था. रिपोर्ट में बताया गया कि तिवारी की हत्या गला घोंटे जाने के कारण सांस रुकने से हुई है. मामले को जांच के लिए क्राइम ब्रांच के पास भेज दिया गया है.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने एक ट्वीट कर कहा कि इस बार पूर्वोत्तर, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के चुनाव परिणाम बेहद चौंकाने वाले होंगे. 2014 के चुनाव में अपने बूते बहुमत जुटाने वाली बीजेपी फिर नरेंद्र मोदी की अगुवाई में अब 2019 की सियासी जंग लड़ रही है. यूपी-बिहार में बीजेपी और एनडीए ने पिछली बार अधिकांश सीटें जीती थीं. पार्टी यहां इस बार भी चमत्कार दोहराने का दावा कर रही है लेकिन खास फोकस ओडिशा और पश्चिम बंगाल पर क्यों है?