भारत के कई बैंकों का लगभग 9 हजार करोड़ रुपयों का कर्ज चुकाए बिना विदेश जा चुके किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या के लिए एक बुरी खबर है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि ब्रिटेन के हाई कमिशन को पत्र लिखकर विजय माल्या के प्रत्यर्पण के मांग की है.
As of today the ministry has written to High Commission of UK requesting deportation of : MEA
— ANI (@ANI_news)
विकास स्वरूप का कहना है कि ' टूरिस्ट वीजा पर ब्रिटेन गए थे. वीजा आवेदन के बाद उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि वह कॉन्फ्रेंस के लिए ब्रिटेन आए हैं. जिसकी अनुमति टूरिस्ट वीजा पर नहीं दी जाती. हमें ये भी पता चला है कि उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है.'
पासपोर्ट हो चुका है रद्द
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने लिकर किंग विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया था. भारत के विदेश मंत्रालय ने एक्ट, 1967 की धाराओं 10(3)(c) और 10(3)(h) के तहत ये कार्रवाई की थी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से जारी किए गए नोटिस पर विजय माल्या के जवाब के बाद ये कार्रवाई की गई है. पिछले दिनों पीएमएलए एक्ट 2002 के तहत उनके खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट भी जारी किया गया था.
MEA ने नोटिस जारी कर मांगा था जवाब
प्रवर्तन निदेशालय की सलाह पर विदेश मंत्रालय ने 15 अप्रैल को माल्या का पासपोर्ट निलंबित कर दिया था. विदेश मंत्रालय ने माल्या को नोटिस जारी कर पूछा था कि पासपोर्ट एक्ट के सेक्शन 10(3)(सी) के तहत उनका पासपोर्ट क्यों रद्द न किया जाए? नोटिस पर जवाब देने के लिए 22 अप्रैल की डेडलाइन तय की गई थी. माल्या के जवाब के आधार पर विदेश मंत्रालय ने उनका पासपोर्ट रद्द करने का फैसला किया था.
सरकार ने अपना पक्ष किया साफ
अब ने माल्या को भारत लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन को पत्र लिखा है. भारत सरकार का कहना है कि हर किसी को कानून का पालन करना होगा और किसी को भी इसका उल्लंघन करने और भागने की इजाजत नहीं मिलेगी.