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मनमोहन ने टिप्पणी को लेकर की रमेश की खिंचाई

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चीन के संदर्भ में भारतीय गृह मंत्रालय पर आलोचनात्मक टिप्पणियां करने के लिए पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश की सोमवार को खिंचाई की और नसीहत दी कि वह दूसरे मंत्रालयों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी न करें.

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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चीन के संदर्भ में भारतीय गृह मंत्रालय पर आलोचनात्मक टिप्पणियां करने के लिए पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश की सोमवार को खिंचाई की और नसीहत दी कि वह दूसरे मंत्रालयों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी न करें.

मनमोहन ने रमेश से बात की और उन्हें स्पष्ट बताया कि सरकार में चीन के प्रति अपने रुख को लेकर ‘कोई भ्रम नहीं’ है जिसके साथ वह ‘रचनात्मक संबंध’ चाहती है. प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मनमोहन ने रमेश से कहा ‘मंत्रिमंडल सहयोगियों के लिए यह सलाह है कि वे दूसरे मंत्रालयों की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी न करें खासकर चीन जैसे महत्वपूर्ण पड़ोसियों के संदर्भ में.’

बीजिंग में रमेश की टिप्पणी के दो दिन बाद प्रधानमंत्री का यह कड़ा संदेश आया है. रमेश ने चीन की राजधानी में कहा था कि चीनी कंपनियों के भारत में प्रवेश को लेकर गृह मंत्रालय ‘आवश्यकता से अधिक रक्षात्मक’ और ‘चौकस’ रुख अपनाए हुए है. मनमोहन ने रमेश से कहा ‘चीन के बारे में हमारी नीतियों में कोई भ्रम नहीं है और हम बीजिंग के साथ लगतार रचनात्मक संबंध चाहते हैं.’ {mospagebreak}

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रमेश ने कोपनहेगन शिखर सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन पर भारत और चीन के बीच विकसित उत्साह के बारे में बात करते हुए सलाह दी थी कि गृह मंत्रालय (भारतीय) को भारत में चीनी निवेश के प्रति ‘अधिक उदार’ नजरिया अपनाना चाहिए. गृह मंत्रालय ने भी रमेश को उनकी टिप्पणी के लिए झिड़की लगाई और कहा कि चीनी कंपनियों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है.

गृह सचिव जीके पिल्लई ने कहा ‘यह कहना गलत है कि सुरक्षा प्रतिष्ठान चीनियों के खिलाफ भेदभाव वाला रुख रखते हैं.’ उन्होंने कहा ‘चीनी कंपनियां पहले से ही काफी संख्या में भारत में मौजूद हैं. वे दूरसंचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं. मैं नहीं मानता कि सरकार की ओर से किसी तरह का भेदभाव किया जा रहा है.’ {mospagebreak}

रमेश ने शनिवार को कहा था कि सुरक्षा प्रतिष्ठान भारत में चीनी निवेश पर ‘बिना आवश्यकता’ प्रतिबंध थोप रहे हैं. उन्होंने यह टिप्पणी हाल में आई उन खबरों के संदर्भ में की कि भारत ने सुरक्षा चिंताओं को लेकर चीन की बड़ी कंपनी हुआवेई से दूरसंचार उपकरणों के आयात पर रोक लगा दी है खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में. कांग्रेस भी रमेश की टिप्पणियों पर नाराज है.

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा ‘गृह मंत्रालय जैसे संवेदनशील मंत्रालय की नीति और कार्यप्रणाली के खिलाफ टिप्पणी करना और वह भी दूसरे देश की धरती पर इसे उचित नहीं ठहराया जा सकता. यदि मुद्दे पर मतभेद हैं तो इन्हें पार्टी और सरकार के स्तर पर सुलाझाना चाहिए.’ इस बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा मंत्री को वापस आने दीजिये और स्पष्ट करने दीजिए कि उन्होंने क्या कहा है. वह ही बता सकते हैं कि उन्होंने जो कुछ कहा क्या उसके बारे में कोई भ्रम है’.

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