केरल के कोझिकोड एयरपोर्ट पर हुए विमान हादसे को लेकर केंद्रीय उड्डन मंत्रालय पर सवाल उठ रहे हैं. कांग्रेस सांसद मणीकम टैगोर ने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से पूछा है कि सरकार ने कोझिकोड हवाई अड्डे पर इंजीनियर्ड मैटिरियल्स अरेस्टर सिस्टम (EMAS) की अनदेखी क्यों की?
मणीकम टैगोर ने कहा कि हरदीप पुरी के मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने कोझिकोड एयरपोर्ट के रनवे की सुरक्षा संबंधी इंजीनियर्ड मैटिरियल्स अरेस्टर सिस्टम लगाने की सिफारिशों की अनदेखी क्यों की?
2/3 An Engineered Materials Arresting System uses a specially installed surface which quickly stops any aircraft that moves onto it. EMAS may be installed at the end of some runways to reduce the extent, and associated risks, of any overrun off the end of the runway! Why ignore?
— Manickam Tagore MP🇮🇳✋மாணிக்கம் தாகூர் (@manickamtagore)
सिलसिलेवार ट्वीट में कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि इंडियन एयरपोर्ट अथॉरिटी और नागर विमानन महानिदेशालय कालीकट के टैबलटॉप हवाईअड्डे की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर इंजीनियर्ड मैटिरियल्स अरेस्टर सिस्टम तकनीक का उपयोग करने के प्रस्ताव को नजरअंदाज किया है. बता दें कि कालीकट को कोझिकोड भी कहते हैं.
तमिलनाडु के विरुधुनगर से कांग्रेस सांसद मणीकम टैगोर ने बताया कि इंजीनियर्ड मैटिरियल्स अरेस्टर सिस्टम को रनवे पर स्थापित किया जाता है. इसका इस्तेमाल विमान को तेजी से रोकने के लिए किया जाता है. अगर यह रनवे पर लगा होता तो हादसे में नुकसान कम होने की संभावना होती. इसकी अनदेखी क्यों की गई?
बता दें कि कोझिकोड एयरपोर्ट पर एअर इंडिया का विमान शुक्रवार शाम दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसमें दो पायलट सहित 18 की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि कोझिकोड एयरपोर्ट के रनवे को लेकर विशेषज्ञों ने पहले ही चेतावनी दी थी लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया. डीजीसीए ने पहले ही कोझिकोड एयरपोर्ट के रनवे को लेकर चेतावनी दी थी कि वहां कभी भी हादसा हो सकता है.